Patna MLC News: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। उम्मीदवारों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामों में उनकी संपत्ति, शिक्षा, ऋण, वाहन और पारिवारिक स्थिति का विस्तृत विवरण दर्ज किया गया है। इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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उम्मीदवारों की संपत्ति और देनदारी का लेखा-जोखा
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह इस चुनाव में सबसे धनी प्रत्याशी के तौर पर उभरे हैं। उनके हलफनामे के मुताबिक, उनके पास लगभग 54 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है, जो उन्हें इस चुनाव में सबसे संपन्न उम्मीदवार बनाती है। इसके अलावा, उनकी पत्नी के नाम पर भी करीब ढाई किलोग्राम सोना और 35 किलोग्राम चांदी के आभूषण दर्ज हैं, जो उनकी कुल वित्तीय स्थिति को और मजबूत करते हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार शीला पंडित की वित्तीय स्थिति एक अलग तस्वीर पेश करती है। उनके नाम पर कुल 29.68 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज है, लेकिन साथ ही उन पर 31.13 लाख रुपये का बैंक कर्ज भी बकाया है। नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों में वे सबसे अधिक कर्ज के बोझ तले दबी हुई हैं।
पवन सिंह और निषांत कुमार के हलफनामे ने बढ़ाई हलचल
भोजपुरी फिल्म उद्योग के चर्चित अभिनेता और भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान घोषित संपत्ति की तुलना में उनकी कुल संपत्ति में लगभग 2.7 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। मौजूदा हलफनामे के अनुसार, उनके पास कुल 19.44 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो उनकी बढ़ती व्यावसायिक सफलता को दर्शाती है।
उनकी संपत्ति में लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य की लग्जरी गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनमें एक महंगी लैंड क्रूजर एसयूवी भी है। Pawan Singh News इस हलफनामे के बाद से लगातार चर्चा में है, खासकर उनकी संपत्ति और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी जानकारी को लेकर। पारिवारिक स्थिति के कॉलम में उनकी पत्नी का नाम ज्योति सिंह दर्ज है, हालांकि दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों के बीच तलाक का मामला अदालत में लंबित है।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निषांत कुमार भी इस बार अपने हलफनामे को लेकर सुर्खियों में हैं। चुनावी दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार, उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की थी। उन्होंने आठ सेमेस्टर वाले कोर्स में केवल पांच सेमेस्टर तक ही अध्ययन किया, जो उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। संपत्ति के मामले में उनके पास 4.63 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति दर्ज है और उनके नाम पर दो वाहन भी हैं।
अन्य प्रमुख उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति
भाजपा उम्मीदवार डॉ. संजय मयूख की संपत्ति में भी पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि हुई है। उनके हलफनामे के अनुसार, उनके पास कुल 3.7 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह वर्षों के दौरान उनकी संपत्ति में लगभग 2.12 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जो उनकी वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है।
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की उम्मीदवार भारती मेहता भी संपत्ति के मामले में मजबूत स्थिति में दिखाई देती हैं। उनके हलफनामे में लगभग 89 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों का उल्लेख है। उनकी कुल संपत्ति 6.34 करोड़ रुपये दर्ज की गई है और दस्तावेज बताते हैं कि उनके नाम दर्ज संपत्ति उनके पति की तुलना में अधिक है।
इसी चुनाव में जेडीयू की एक अन्य उम्मीदवार शिवरानी देवी प्रजापति का प्रोफाइल अपेक्षाकृत साधारण दिखाई देता है। उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास बताई है, जो कई अन्य उम्मीदवारों से अलग है। हलफनामे में परिवार के नाम पर लगभग डेढ़ लाख रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है और उनके पास कोई निजी वाहन भी नहीं है।
भाजपा उम्मीदवार अनिल ठाकुर ने अपनी कुल संपत्ति 24 लाख रुपये घोषित की है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उम्मीदवार अशरफ अंसारी ने लगभग 1.95 करोड़ रुपये की संपत्ति का विवरण दिया है। उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता एलएलबी बताई है, जो उनके पेशेवर पृष्ठभूमि को दर्शाती है।
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इन हलफनामों के खुलासे के बाद बिहार की राजनीति में पारदर्शिता और उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई है। मतदाता अब अपने प्रतिनिधियों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया में और भी गंभीरता आने की उम्मीद है और वे अधिक सूचित निर्णय ले पाएंगे।







