

Patna NEET Case: शिक्षा के मंदिर में खून के धब्बे, भविष्य संवारने आई एक जिंदगी बेदर्दी से रौंद दी गई। पटना के एक हॉस्टल में हुई इस वीभत्स घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है, जहां एक छात्रा की कथित गैंगरेप और हत्या ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Patna NEET Case: पटना में NEET छात्रा के साथ दरिंदगी, पप्पू यादव बोले- यह ‘निर्भया’ से कम नहीं!
Patna NEET Case: शंभू गर्ल्स हॉस्टल की खौफनाक वारदात
पूर्णिया लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले पर सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को देश की राजधानी में हुए बहुचर्चित ‘निर्भया कांड’ से जोड़ते हुए कहा कि यह किसी भी मायने में उससे कम नहीं है। सांसद यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पीड़िता के परिजनों ने उनसे आशंका जताई है कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला है। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बल्कि हमारी समाज व्यवस्था और कानून व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सबूतों को मिटाने का प्रयास किया गया और पुलिसिया कार्रवाई में देरी हुई, वह अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में छात्रा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पीड़िता के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही बरती जा रही है? यह केवल एक हॉस्टल का मामला नहीं, बल्कि पूरे राज्य में छात्रा सुरक्षा से जुड़ी बढ़ती आपराधिक घटनाओं का एक बड़ा संकेत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी दोषी बच न पाए।
परिजनों ने उठाए सवाल, पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न
पप्पू यादव ने बताया कि परिजनों ने उन्हें बताया कि हॉस्टल में अक्सर लड़कों का आना-जाना लगा रहता था, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन हॉस्टल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भी शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की और इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देरी और अन्य सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो ताकि सत्य सामने आ सके और पीड़िता को न्याय मिल सके।


