Patna NEET News: बिहार में NEET दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 21 जून को होने वाली इस परीक्षा से पहले साइबर धोखाधड़ी और असामाजिक तत्वों से सावधान रहने की अपील की है। ये अपराधी प्रश्नपत्र लीक या अन्य झूठे दावों के जरिए छात्रों को ठगने का प्रयास कर सकते हैं।
साइबर जालसाजों से ऐसे रहें सतर्क
EOU ने अपनी एडवाइजरी में बताया है कि जालसाज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और फोन कॉल का इस्तेमाल करके भ्रामक जानकारी फैला सकते हैं। वे उम्मीदवारों से पैसे की मांग कर सकते हैं और परीक्षा सामग्री देने का झूठा वादा कर सकते हैं।
Patna NEET News: किसी भी अफवाह पर न करें भरोसा
EOU की एडवाइजरी के अनुसार, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैलाने के लिए किया जा सकता है। EOU ने कहा कि उम्मीदवार उन व्यक्तियों से दूर रहें जो प्रश्नपत्र, उत्तर या अनुचित सहायता प्रदान करने का दावा करते हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अज्ञात व्यक्तियों को पैसे ट्रांसफर न करें या परीक्षा से संबंधित संदिग्ध प्रस्तावों का जवाब न दें।
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EOU ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र तक पहुंच प्रदान करने का दावा करने वाले किसी भी फोन कॉल, ईमेल, व्हाट्सएप संदेश या सोशल मीडिया संचार को सावधानी से लें। ऐसे संदेश प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
एडवाइजरी में उम्मीदवारों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे परीक्षा से संबंधित अपुष्ट संदेशों को साझा या फॉरवर्ड न करें। अधिकारियों ने कहा कि गलत सूचना ऑनलाइन तेजी से फैल सकती है, जिससे छात्रों में भ्रम पैदा होता है और परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता प्रभावित होती है। यदि उम्मीदवारों को पेपर लीक का दावा करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट मिलते हैं, तो उन्हें यूआरएल या संबंधित विवरण सहेजने और अधिकारियों को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
पकड़े जाने पर मिलेगी कड़ी सजा
शिकायत चैनल:
- EOU, बिहार (पटना): 9031829067
- राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
EOU ने चेतावनी दी है कि पेपर लीक, परीक्षा कदाचार या अनुचित साधनों के उपयोग में शामिल होने पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून के तहत, दोषियों को 10 साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के प्रासंगिक प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
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यह एडवाइजरी प्रतियोगी परीक्षाओं के आसपास साइबर धोखाधड़ी और अफवाहों पर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। अधिकारियों ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक संचार पर भरोसा करें, घोटालों से सतर्क रहें और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







