
Patna NEET Student Death: शिक्षा के मंदिर में दरिंदों ने मर्यादा को तार-तार किया, न्याय की गुहार अब देश के गृह मंत्री तक पहुंच गई है।
पटना नीट छात्रा मृत्यु मामला: पप्पू यादव ने अमित शाह से लगाई सीबीआई जांच की गुहार, सिस्टम पर खड़े किए गंभीर सवाल
पटना नीट छात्रा मृत्यु मामले की सीबीआई जांच की मांग
Patna NEET Student Death: बिहार की राजधानी पटना में एक नीट छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और उसकी रहस्यमय मौत के मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने इस गंभीर प्रकरण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने घटना की सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। यह मामला एक बार फिर शिक्षा परिसरों में छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को पटना के प्रभात मेमोरियल अस्पताल का दौरा किया था, जहां उन्होंने छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने राज्य के कानून-व्यवस्था और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य में व्याप्त जंगलराज की तरफ इशारा करती हैं और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की गहन सीबीआई जांच की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि कोई भी पहलू अनछुआ न रहे।
यह घटना न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में चिंता का विषय बन गई है। छात्रों और अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर एक डर का माहौल बन गया है। इस संवेदनशील प्रकरण में हर किसी की निगाहें अब सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे कितनी तत्परता से कार्रवाई करते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार के कई छात्र संगठनों ने भी इस मामले में न्याय के लिए प्रदर्शन की चेतावनी दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
पप्पू यादव ने अस्पताल दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा था कि जिस तरह से इस पूरी घटना को हैंडल किया गया है, वह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने सिस्टम की लापरवाही और संवेदनहीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। पूर्व सांसद ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वह छात्रों और जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी से न्याय की उम्मीद कमजोर होती है और दोषियों का मनोबल बढ़ता है।


