



Patna NEET case: जैसे कोई अनसुलझी पहेली, पटना के इस दुखद मामले ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत और दुष्कर्म के आरोप ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर उंगली उठाई है, बल्कि समाज के हर वर्ग को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा यह मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर आ पहुंचा है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें पिछले कई हफ्तों से इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हुई हैं, लेकिन हालिया डीएनए रिपोर्ट ने जांच की दिशा को एक बार फिर से बदल दिया है।
Patna NEET case: क्या कहती है डीएनए रिपोर्ट?
जांच अधिकारियों ने इस मामले में अब तक 25 संदिग्धों से डीएनए सैंपल एकत्र किए थे। इन सभी सैंपलों को गहन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था, ताकि घटनास्थल से प्राप्त जैविक साक्ष्यों से उनका मिलान किया जा सके। यह माना जा रहा था कि इन सैंपलों में से किसी एक का मिलान होने से मामले में एक बड़ी सफलता मिल सकती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
लेकिन, फॉरेंसिक लैब से मिली शुरुआती रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भेजे गए 25 संदिग्धों में से किसी भी व्यक्ति का डीएनए सैंपल घटनास्थल से बरामद जैविक साक्ष्यों से मेल नहीं खाया है। इस नतीजे ने जहां एक ओर जांचकर्ताओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, वहीं दूसरी ओर मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जांच का दायरा बढ़ा, नए सिरे से पड़ताल
इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, पुलिस अब नए सिरे से जांच का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे न केवल पहले के संदिग्धों से जुड़े नए सुराग तलाशेंगे, बल्कि उन सभी संभावित पहलुओं पर भी गौर करेंगे जिनकी पहले अनदेखी की गई हो। इस दुखद प्रकरण में न्याय की आस लगाए बैठे परिजनों और जनमानस को अब भी ठोस जवाबों का इंतजार है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में कई तकनीकी और मानवीय पहलुओं पर काम किया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने से लेकर कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) की जांच तक, हर संभव प्रयास किया गया है। लेकिन, डीएनए रिपोर्ट का यह परिणाम दिखाता है कि अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पूरे मामले में न्याय की आस बनाए रखना बेहद ज़रूरी है, ताकि सच सामने आ सके, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, उच्चाधिकारी लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर इस प्रकरण की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है। यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मौत का नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी प्रतीक बन गया है। इस बीच पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आगे की जांच में अब यह भी देखा जाएगा कि क्या घटनास्थल से प्राप्त जैविक साक्ष्यों में किसी प्रकार की त्रुटि थी, या फिर संदिग्धों की सूची में कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति छूट गया है। यह जटिल केस पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि वे तब तक हार नहीं मानेंगे जब तक असली गुनहगार सामने नहीं आ जाता।
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