

Patna NEET Case: कई बार खामोश निशान हजारों अनकही कहानियाँ कहते हैं। पटना के एक हॉस्टल में हुई रहस्यमयी घटना ने फिर एक बार शिक्षा जगत को झकझोर दिया है, जहां एक छात्रा के शरीर पर मिले खरोंच के निशान गहरे सवाल खड़े कर रहे हैं।
पटना नीट केस: सीबीआई की सघन पूछताछ में क्या सामने आया?
Patna NEET Case: कई बार खामोश निशान हजारों अनकही कहानियाँ कहते हैं। पटना के एक हॉस्टल में हुई रहस्यमयी घटना ने फिर एक बार शिक्षा जगत को झकझोर दिया है, जहां एक छात्रा के शरीर पर मिले खरोंच के निशान गहरे सवाल खड़े कर रहे हैं। इस मामले में सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की एक स्टाफ ने पूछताछ के दौरान जो बताया है, वह इस पूरे प्रकरण को और भी उलझा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अस्पताल की स्टाफ रितु कुमारी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दिए अपने बयान में बताया कि जब नीट की छात्रा को अस्पताल लाया गया था, तब उसके शरीर के कई हिस्सों पर खरोंच के निशान मौजूद थे। रितु कुमारी के अनुसार, छात्रा के कंधे, कुहनी और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर स्पष्ट रूप से खरोंच के निशान देखे गए थे। इन निशानों की गंभीरता ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
स्टाफ के बयान ने बढ़ाई जांच की दिशा
रितु कुमारी के इस बयान के बाद, सीबीआई जांच की दिशा में एक नया मोड़ आ गया है। जांचकर्ता अब इन निशानों के स्रोत और छात्रा के साथ हुई घटना की विस्तृत जानकारी खंगाल रहे हैं। यह बयान उन परिस्थितियों पर संदेह पैदा करता है जिनके तहत छात्रा को अस्पताल लाया गया था और हॉस्टल में उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई इस मामले से जुड़े अन्य गवाहों और सबूतों को भी बारीकी से परख रही है। इस संवेदनशील मामले में हर छोटे से छोटे पहलू पर गौर किया जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस पूरे प्रकरण में हॉस्टल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की भूमिका भी अब सीबीआई जांच के दायरे में आ गई है।
हॉस्टल सुरक्षा पर गंभीर सवाल
छात्रा के शरीर पर मिले ये निशान केवल शारीरिक चोटों के संकेत नहीं हैं, बल्कि वे एक गहरी और जटिल कहानी की ओर इशारा कर रहे हैं जिसे उजागर करना आवश्यक है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उम्मीद है कि सीबीआई की गहन जांच से जल्द ही इस रहस्यमयी मामले की परतें खुलेंगी और न्याय सुनिश्चित होगा।


