Patna Railway News: बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र जंक्शन रविवार की सुबह अराजकता का गवाह बना। मद्य निषेध विभाग में सिपाही भर्ती की परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने सुबह तड़के रेल ट्रैक जाम कर दिया, जिससे तनाव बढ़ गया और स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई। इस घटना के बाद रेल पुलिस ने छह नामजद समेत लगभग 500 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कटिहार जाने वाली विशेष परीक्षा ट्रेन में जगह न मिलने और देरी से खफा छात्रों ने सुबह लगभग चार बजे पटरियों पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। यह प्रदर्शन बहुत जल्द एक उग्र रूप ले लिया। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भीषण पथराव हुआ, जिसमें स्वयं रेल आईजी जितेंद्र राणा सहित कुल छह सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा बलों को अपनी आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिसके बाद छह दंगाइयों को गिरफ्तार कर पूरे जंक्शन परिसर को छावनी में बदल दिया गया।
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परीक्षा छूटने का डर और छात्रों का आक्रोश
मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा की दो अलग-अलग पालियों में शामिल होने के उद्देश्य से पूरे बिहार से हजारों की संख्या में युवा अभ्यर्थी शनिवार रात से ही पाटलिपुत्र जंक्शन पर जमे हुए थे। जैसे ही कटिहार जाने वाली विशेष ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आई, उसमें सवार होने के लिए छात्रों के बीच धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन में पर्याप्त जगह न मिल पाने और परीक्षा छूट जाने के डर से घबराए लगभग ढाई सौ से तीन सौ लड़कों ने अचानक इंजन के सामने बैठ कर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते कतारों में खड़े अन्य युवा भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
छात्रों का कहना था कि उन्हें घंटों से इंतजार करवाया जा रहा था और विशेष ट्रेन होने के बावजूद उसमें पर्याप्त सीटें नहीं थीं, जिससे उनकी परीक्षा में शामिल होने की संभावना कम होती जा रही थी। इस अव्यवस्था से उनका गुस्सा चरम पर था।
पुलिस पर पथराव, रेल आईजी घायल
हंगामे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय जिला पुलिस की टीमें भारी बल के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वयं रेल आईजी जितेंद्र राणा और पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन ने मोर्चा संभाला। अधिकारी जब छात्रों को समझा-बुझाकर पटरी से हटाने का प्रयास कर रहे थे, तभी भीड़ के पीछे छिपे कुछ अराजक तत्वों ने अचानक पुलिस टीम को निशाना बनाकर भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले में आईजी जितेंद्र राणा और पांच अन्य पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। सभी घायल सुरक्षाकर्मियों को तत्काल दानापुर अनुमंडल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
इस हमले से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। उपद्रवियों ने सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया, कई बोगियों के शीशे तोड़ दिए गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हिंसा के स्तर को देखते हुए, हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होने लगे।
हवाई फायरिंग के बाद शांत हुआ जंक्शन, पुलिस की धरपकड़ जारी
जंक्शन परिसर के भीतर हालात इतने बिगड़ गए थे कि बोगियों के शीशे तोड़ने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का सिलसिला जारी था। उपद्रवियों को खदेड़ने और स्थिति को काबू में लाने के लिए अंततः पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं और हवा में गोलियां दागनी पड़ीं। हवाई फायरिंग के बाद ही भीड़ तितर-बितर हुई और जंक्शन पर शांति बहाल हो सकी। इस भारी कशमकश और ट्रैक जाम के कारण बेली रोड रूट की पूरी रेल व्यवस्था चरमरा गई। वीवीआईपी राजधानी एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण यात्री गाड़ियां अलग-अलग स्टेशनों पर घंटों तक फंसी रहीं। दोपहर होते-होते जब अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा, तब जाकर ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो सका।
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डिजिटल साक्ष्यों से हो रही दंगाइयों की पहचान
रेलवे प्रशासन अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल एक-एक उपद्रवी की पहचान करने में जुट गया है। पुलिस ने मौके से जिन छह हुड़दंगियों को गिरफ्तार किया था, उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इन्हीं के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पांच सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उपद्रव में शामिल सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लोगों द्वारा अपने मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो की भी बारीकी से जांच हो रही है ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले या हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए। बिहार पुलिस न्यूज़ के अनुसार, ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो। दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।







