

Patna Waste Management: अब पटना की गलियों से कचरे का साम्राज्य नहीं, बल्कि स्वच्छता का सूर्य उदय होगा। बदबू और गंदगी की काली छाया हटेगी, जब शहर को मिलेगी एक नई, वैज्ञानिक और हाईटेक पहचान।
Patna Waste Management: 53 करोड़ की लागत से पटना बनेगा ‘स्मार्ट कचरा प्रबंधन’ का मॉडल शहर!
Patna Waste Management: हर अंचल में बनेंगे अत्याधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन
राजधानी पटना में कचरा प्रबंधन अब सिर्फ कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरी तरह से वैज्ञानिक और हाईटेक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शहरवासियों को जल्द ही बदबू और गंदगी से बड़ी राहत मिलने वाली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, पटना के प्रत्येक अंचल में अत्याधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे कूड़े का निपटान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। यह कदम न केवल पर्यावरण के लिए लाभदायक होगा, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर को भी ऊपर उठाएगा।
इस योजना के लिए कुल 53 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे पटना को एक आदर्श स्वच्छ शहर बनाने का सपना साकार होगा। इन ट्रांसफर स्टेशनों पर कचरे को एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे रीसाइक्लिंग और ऊर्जा उत्पादन जैसी प्रक्रियाओं को बढ़ावा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि पटना एक truly स्वच्छ पटना बने, जहां हर नागरिक को साफ-सुथरा और स्वस्थ वातावरण मिले। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह पहल शहर की तस्वीर बदलने के साथ-साथ, अन्य शहरों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगी।
परियोजना से मिलेगी गंदगी और दुर्गंध से मुक्ति
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में व्याप्त गंदगी और कचरे के ढेर से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध को समाप्त करना है। अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर, कचरा निपटान की प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाया जाएगा। इससे शहर की हवा भी स्वच्छ होगी और बीमारियों का प्रकोप भी कम होगा। पटना अंचल शहरवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, जो उनके दैनिक जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि पटना न केवल बिहार की राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाए रखे, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी देश के अग्रणी शहरों में शुमार हो।


