
Patna News: सियासत की गलियों में जब हक़ की आवाज़ बुलंद होती है, तो सड़कें नारों से गूंज उठती हैं। कुछ ऐसा ही नज़ारा बिहार की राजधानी में दिखने वाला है, जहां छात्रों का हुजूम अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने को लेकर पटना की सड़कों पर उतरने को तैयार है। यूजीसी रेगुलेशन को स्थायी रूप से लागू करने की मांग को लेकर यह बड़ा विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है।
Patna News: क्या है छात्रों की मांग?
जानकारी के अनुसार, सामाजिक आंदोलन एवं बहुजन छात्र संघ के बैनर तले पटना में 18 मार्च को ‘समता महाजुटान’ का आयोजन किया गया है। छात्रों और विभिन्न संगठनों की मुख्य मांग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के रेगुलेशन को स्थायी रूप से और प्रभावी ढंग से लागू करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सामाजिक न्याय से जुड़े ज्वलंत सवालों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आयोजन जरूरी है। इस दौरान पटना के गेट नंबर दस पर एक विशाल आम सभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद सभी लोग राजभवन की ओर पैदल मार्च करेंगे।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिवसीय प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है। उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो भविष्य में इससे भी व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह पूरा आंदोलन स्थायी यूजीसी रेगुलेशन के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
भागलपुर में बनी आंदोलन की रणनीति
पटना में होने वाले इस ‘समता महाजुटान’ को सफल बनाने के लिए पूरे प्रदेश में तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में भागलपुर के एक निजी होटल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में शामिल नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि भागलपुर से बड़ी संख्या में छात्र इस महाजुटान में हिस्सा लेने के लिए पटना कूच करेंगे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पटना में होने वाले प्रदर्शन के लिए छात्रों को लामबंद करना और उन्हें आंदोलन के महत्व से अवगत कराना था। नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को अनसुना करती है, तो यह संघर्ष और भी तेज होगा। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि छात्र अपनी मांगों को लेकर किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।


