

Patna News: शिक्षा के गलियारों में जब नीतियों का चक्रव्यूह उलझता है, तो युवा शक्ति का आवेग सड़कों पर ज्वार बनकर फूट पड़ता है। इसी ज्वार का नज़ारा सोमवार को पटना की सड़कों पर दिखा, जब हज़ारों छात्र उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन पर उतर आए।
Patna News: UGC नियमों पर छात्र क्यों हैं आक्रोशित?
सोमवार को राजधानी पटना में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दे ने बड़ा सियासी और सामाजिक रूप ले लिया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लागू करने की मांग को लेकर हज़ारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। यह प्रदर्शन तब और उग्र हो गया, जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में UGC बिल के कुछ प्रावधानों पर रोक लगाए जाने के बाद छात्रों में असंतोष बढ़ गया।
गांधी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल और जिला प्रशासन की टीमें तैनात कर दी गईं, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। छात्रों को लगातार लौटने की अपील की जाती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे। नारेबाजी और मार्च के जरिए छात्र यह संदेश देने की कोशिश कर रहे थे कि UGC के नए नियम उनके भविष्य से सीधे जुड़े हैं और इसमें किसी तरह की ढील उन्हें मंजूर नहीं।
छात्रों का कहना है कि नए नियम उनकी शैक्षणिक भविष्य पर सीधा असर डाल रहे हैं और इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बड़े छात्र आंदोलन में विभिन्न छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया और सरकार से अपनी मांगों को तुरंत मानने की अपील की।
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सरकार और छात्रों के बीच बढ़ रही खींचतान
प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित बदलाव मनमाने हैं और बिना उचित परामर्श के थोपे जा रहे हैं। उनका तर्क है कि इन नियमों से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कम होगी और अकादमिक स्वतंत्रता भी खतरे में पड़ जाएगी।
पटना कॉलेज से गांधी मैदान तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे छात्रों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने रोक दिया। यहां पहले से बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन छात्रों का गुस्सा देखते ही देखते उग्र हो गया। कई छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे और कुछ ही देर में बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस को वाटर कैनन की गाड़ी मंगानी पड़ी और इलाके में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई।
कई छात्रों ने बताया कि वे लंबे समय से इन मुद्दों पर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस गंभीर स्थिति के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और उच्च शिक्षा विभाग इस छात्र आंदोलन को शांत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। देशज टाइम्स की टीम लगातार इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह विरोध प्रदर्शन और तेज़ किया जाएगा।

