

Patna University Election: लोकतंत्र के उत्सव में जब छात्र शक्ति अपनी आवाज बुलंद करती है, तो कई बार चुनावी समर में अप्रत्याशित घटनाएं भी देखने को मिलती हैं। शनिवार को पटना विश्वविद्यालय में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने छात्र राजनीति में हलचल मचा दी।
पटना यूनिवर्सिटी इलेक्शन में पुलिसिया कार्रवाई, तेज प्रताप के प्रत्याशी को ले गई पुलिस
पटना यूनिवर्सिटी इलेक्शन: हंगामे के बीच मतदान
पटना यूनिवर्सिटी इलेक्शन के लिए शनिवार को मतदान के दौरान जमकर बवाल हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव की पार्टी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रिंकल यादव को पुलिस अपने साथ ले गई, जिससे मौके पर तनाव व्याप्त हो गया। इस घटना ने पूरे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मतदान सुबह से शांतिपूर्ण माहौल में चल रहा था, लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी।
पुलिस द्वारा प्रत्याशी को ले जाने के बाद छात्रों में रोष देखने को मिला। कई जगहों पर छात्रों का हंगामा शुरू हो गया, जिससे मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। जानकारी के अनुसार, वोटिंग दोपहर 2:30 बजे तक निर्धारित थी, लेकिन इस घटना ने कई मतदाताओं को प्रभावित किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह घटना दर्शाती है कि छात्रसंघ चुनाव में अक्सर कैसे छोटे से विवाद बड़े बवाल का रूप ले लेते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रिंकल यादव को पुलिस किस आरोप में ले गई, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस कार्रवाई ने विपक्षी छात्र संगठनों को सरकार और प्रशासन पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।
शांतिपूर्ण मतदान की अपील और आगे की प्रक्रिया
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पर हुई इस कार्रवाई के बाद चुनाव परिणामों पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना का मतदाताओं और अन्य प्रत्याशियों पर क्या असर पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


