back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 28, 2026
spot_img

Patna University Election: कैंपस में गोलीबारी, अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर छात्रों का भारी बवाल

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Patna University Election: पटना विश्वविद्यालय के गलियारों में चुनावी सरगर्मी अब हिंसा का रूप ले चुकी है। शांतिपूर्ण प्रक्रिया की उम्मीदों पर जैसे किसी ने बारूद बरसा दिया हो। पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के दौरान कैंपस में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां अचानक हुई फायरिंग की घटना ने पूरे माहौल को अशांत कर दिया है।

- Advertisement -

पटना विश्वविद्यालय चुनाव: कैंपस में गोलीबारी, अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर छात्रों का भारी बवाल

Patna University Election: हिंसा की आंच में झुलसा छात्रसंघ चुनाव

पटना विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव, जो छात्रों के भविष्य और कैंपस की आवाज के लिए लड़ा जाता है, इस बार हिंसा और हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है। बुधवार को पटना साइंस कॉलेज परिसर में हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद, पूरे कैंपस में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बन गया। छात्रों का कहना है कि यह चुनावी प्रतिद्वंद्विता का एक खतरनाक मोड़ है।

- Advertisement -

उधर, अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रिंकल यादव की गिरफ्तारी ने आग में घी डालने का काम किया है। रिंकल की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल रिंकल यादव की रिहाई की मांग की। पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने और जांच पड़ताल में जुटी हुई है, लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Patna NEET Student Death: पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत पर गहराया रहस्य, CBI ने नर्स से की छह घंटे पूछताछ

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना दर्शाती है कि छात्र राजनीति में कैसे एक छोटी चिंगारी बड़े बवाल का रूप ले सकती है।

छात्रों का आक्रोश और पुलिस की चुनौती

छात्रों का यह आक्रोश केवल रिंकल यादव की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कैंपस में बढ़ती हिंसा और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

यह घटनाक्रम आगामी छात्रसंघ चुनाव 2026 के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों के सामने अब न केवल शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की चुनौती है, बल्कि छात्रों के बीच विश्वास बहाल करने की भी। कैंपस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस तनावपूर्ण स्थिति से कैसे निपटते हैं और क्या छात्रसंघ चुनाव बिना किसी और हिंसा के संपन्न हो पाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छात्र राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

अक्षय कुमार और सिंधी भाषा: ‘खिलाड़ी कुमार’ ने सुनाए मजेदार किस्से, मां की यादों से छलके आंसू!

Akshay Kumar News: टीवी के सबसे बड़े और धमाकेदार गेम शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून'...

Holi 2026 Date: जानें रंगों के इस महापर्व की तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्र ग्रहण का प्रभाव

Holi 2026 Date: फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली होली, रंगों और...

भारत में Scrambler Bikes: परफॉर्मेंस और स्टाइल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

Scrambler Bikes: शहर की सड़कों पर राज करने और हल्की ऑफ-रोडिंग का रोमांच महसूस...

Bihar HPV Vaccine: अब बेटियों को नहीं छुएगा कैंसर का साया! 13 लाख किशोरियों को मुफ्त टीका, जानिए महाअभियान की पूरी डिटेल

HPV vaccine: बिहार में स्वास्थ्य सेवा की गंगा बह निकली है, जहां बेटियों के...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें