

Patna University Student Union Election: छात्र संघ चुनाव का बिगुल बज चुका है और इसके साथ ही नियमों की तलवार भी लटकने लगी है। पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की गई है, जो चुनावी शोरगुल के बीच अनुशासन का पाठ पढ़ा रही है।
Patna University Student Union Election: प्रचार के दौरान भीड़भाड़ पर सख्त चेतावनी
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए तैयारी ज़ोरों पर है। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव प्रचार को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, यहाँ तक कि उनकी उम्मीदवारी भी रद्द की जा सकती है।
मुख्य रूप से, महिला कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में प्रचार के दौरान भीड़ लगाने या जमावड़ा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस नियम का मकसद शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिशानिर्देश छात्र राजनीति में अनुशासन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी प्रत्याशी या उनके समर्थक प्रचार के लिए निर्धारित सीमा से अधिक भीड़ नहीं जुटा सकेंगे, खासकर उन परिसरों में जहाँ छात्रों की सुरक्षा और शैक्षिक वातावरण प्रभावित हो सकता है। यह कदम न केवल महिला छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि अन्य संस्थानों में पढ़ाई का माहौल भी बनाए रखेगा।
नियमों का पालन न करने पर विश्वविद्यालय सख्त कदम उठाने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करेगा। इसमें उम्मीदवार की पात्रता रद्द करने से लेकर चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने तक के प्रावधान शामिल हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह दिशानिर्देश बिहार की छात्र राजनीति के लिए एक नई मिसाल कायम कर रहा है।
नियमों का उल्लंघन: क्या होगी कार्रवाई?
जारी की गई नई गाइडलाइन में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर किसी भी प्रत्याशी के समर्थक या खुद प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान महिला कॉलेजों या विश्वविद्यालय के अन्य संस्थानों में अनाधिकृत रूप से भीड़ जुटाते हैं, तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करना सभी उम्मीदवारों की जिम्मेदारी है कि उनके प्रचार अभियान निर्धारित नियमों के दायरे में ही रहें।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि छात्र-छात्राओं को बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिले। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह के नियम छात्र राजनीति में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और एक स्वस्थ चुनावी माहौल का निर्माण कर सकते हैं।





