पटना न्यूज़: पटना की सड़कों पर अगले कुछ दिन भारी पुलिस बल दिखने वाला है. विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने ऐसा कौन-सा बड़ा फैसला ले लिया है, जिसके तहत राजधानी के सबसे VVIP इलाके में 5 दिनों तक प्रदर्शन और जुलूस तो दूर, पांच लोग एक साथ खड़े भी नहीं हो पाएंगे?
बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर पटना जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा और सचिवालय के आसपास के संवेदनशील इलाकों में धारा 144 जैसी सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सत्र की कार्यवाही को बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलाना है। प्रशासन किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या हंगामे की आशंका को पहले ही खत्म कर देना चाहता है, ताकि विधायी कार्यों पर कोई असर न पड़े। इन प्रतिबंधों को सख्ती से लागू कराने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
क्यों लागू की गईं ये पाबंदियां?
विधानसभा सत्र के दौरान अक्सर विभिन्न संगठन और समूह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के लिए विधानसभा का घेराव करने की कोशिश करते हैं। इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा हो जाता है और सरकारी कामकाज भी प्रभावित होता है।
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इन्हीं स्थितियों से बचने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है। ये प्रतिबंध 1 दिसंबर से शुरू होकर सत्र के समापन यानी 5 दिसंबर तक लागू रहेंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विधायक, अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी डर या दबाव के अपना काम कर सकें।
इन प्रतिबंधों का क्या मतलब है?
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, इन पांच दिनों के लिए विधानसभा और उसके आसपास के इलाकों में कई तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इन पाबंदियों के तहत निम्नलिखित नियम लागू होंगे:
- जमावड़े पर रोक: किसी भी क्षेत्र में पांच या पांच से अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर मनाही होगी।
- प्रदर्शन पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के धरना, जुलूस, रैली या विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं होगी।
- हथियारों पर प्रतिबंध: किसी भी तरह के हथियार, विस्फोटक या घातक vật mang लेकर चलने पर पूरी तरह से रोक रहेगी, भले ही हथियार लाइसेंसी क्यों न हो।
प्रशासन का फोकस: शांतिपूर्ण सत्र
प्रशासन का पूरा ध्यान शीतकालीन सत्र को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने पर है। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पटना जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखें और स्थिति को नियंत्रण में रखें।



