

Patna Zoo: प्रकृति का संतुलन जब डगमगाता है, तो इंसानों से लेकर जानवरों तक, हर जीवन पर खतरा मंडराने लगता है। इसी खतरे की आहट ने अब पटना के वन्यजीवों को भी अपनी चपेट में लेने की आशंका बढ़ा दी है।
Patna Zoo में बर्ड फ्लू का खतरा: 24 घंटे निगरानी, दर्शकों के लिए कड़े नियम लागू
Patna Zoo में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
राजधानी पटना का चिड़ियाघर, जिसे संजय गांधी जैविक उद्यान के नाम से भी जाना जाता है, इस वक्त हाई अलर्ट पर है। देश के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां प्रशासन ने कमर कस ली है। चिड़ियाघर में पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि संक्रमण का कोई भी जोखिम पूरी तरह से टाला जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बताया कि पक्षीशालाओं और संबंधित क्षेत्रों में 24 घंटे केयर टेकर तैनात किए गए हैं, जो लगातार पक्षियों के स्वास्थ्य और गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं।
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी पक्षी में बीमारी के मामूली लक्षण दिखने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इसके अलावा, चिड़ियाघर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। परिसर की नियमित साफ-सफाई और कीटाणुशोधन का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे बर्ड फ्लू से बचाव के प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन कर सकें।
दर्शकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता
सिर्फ चिड़ियाघर के भीतर ही नहीं, बल्कि यहां आने वाले आगंतुकों के लिए भी सख्त सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं। मुख्य द्वार पर ही प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के जूते-चप्पलों को पोटेशियम परमैंगनेट घोल से धोया जा रहा है, जिसे ‘फुट वॉश’ के नाम से जाना जाता है। यह कदम बाहरी संक्रमण को चिड़ियाघर के अंदर फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रबंधन का कहना है कि यह एक एहतियाती उपाय है, जिससे चिड़ियाघर के पक्षी सुरक्षित रहें और यहां आने वाले लोग भी संक्रमण से बचे रहें। इस दौरान सभी आगंतुकों से सहयोग की अपील की गई है, ताकि इस मुश्किल घड़ी में सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
चिड़ियाघर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले पक्षी को देखने पर तुरंत चिड़ियाघर कर्मचारियों को सूचित करें। यह संकट की घड़ी में सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे वन्यजीवों को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


