PMCH Scam: पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जहां लोग इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहीं कुछ दलाल इन लाचार मरीजों और उनके परिजनों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है जहां सुपौल से आए एक परिवार को अस्पताल में भर्ती कराने के नाम पर 17 हजार रुपये का चूना लगा दिया गया।
PMCH Fraud: इलाज कराने पहुंचे परिवार से 17 हजार की ठगी, जानें पूरा मामला
PMCH Fraud: पटना के सबसे बड़े अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज के परिजनों के साथ एक बड़ी ठगी हो गई। दलालों ने भर्ती और इलाज के नाम पर 17 हजार रुपये हड़प लिए और फिर रफूचक्कर हो गए। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
PMCH Fraud: कैसे हुई 17 हजार की ठगी?
दरअसल, सुपौल जिले के प्रतापगंज से ललन कुमार अपनी भाभी पुष्पा देवी को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच लाए थे। अस्पताल पहुंचते ही एक शख्स ने खुद को पीएमसीएच का कर्मचारी बताकर उनसे संपर्क किया। उसने आश्वासन दिया कि वह उनकी भाभी को जल्द भर्ती करा देगा और बेहतर इलाज भी सुनिश्चित कराएगा। इसी भरोसे में लेकर उसने 17 हजार रुपये वसूल लिए। पैसे लेने के बाद वह शख्स अस्पताल से गायब हो गया। जब परिजनों को काफी देर तक मदद नहीं मिली और वह व्यक्ति भी नहीं दिखा, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अस्पताल प्रशासन की सख्ती और जांच जारी
इस घटना की जानकारी मिलते ही पीएमसीएच प्रशासन हरकत में आया। यह PMCH Fraud का एक गंभीर मामला है जिस पर अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई की। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह की पहल पर पीड़ित परिवार ने पीरबहोर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर ठग की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में सक्रिय अस्पताल के दलालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। अस्पताल में मिलने वाली सभी सुविधाएं नि:शुल्क होती हैं। ऐसे में किसी को भी पैसे देने से पहले पूरी जानकारी और पड़ताल जरूर कर लें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस चिकित्सा धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह की पहल पर पीड़ित परिवार ने पीरबहोर थाने में अज्ञात दलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपित की तलाश में जुट गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इलाज के नाम पर PMCH Scam: ऐसे फंसा परिवार
दरअसल, सुपौल से ललन कुमार अपनी भाभी को बेहतर इलाज की आस में पटना लेकर आए थे। पीएमसीएच में एक व्यक्ति ने उन्हें आसानी से भर्ती कराने और इलाज में मदद का भरोसा दिलाया। उसकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर ललन कुमार ने उसे 17 हजार रुपये दे दिए। पैसे लेने के बाद वह शख्स रफूचक्कर हो गया और परिवार को समझ आ गया कि वे ठगी के शिकार हो चुके हैं।
अस्पताल प्रशासन हुआ सख्त, पुलिस जांच जारी
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे तत्वों पर नकेल कसने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पीरबहोर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर ठग की पहचान करने में जुटी है।
दलालों से बचने के लिए सतर्क रहें मरीज और परिजन
अधीक्षक डॉ. सिंह ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। अस्पताल में इलाज से संबंधित सभी सुविधाएं नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं और किसी भी सुविधा के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति को पैसा देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और अस्पताल से उसके संबंध की पड़ताल जरूर कर लें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ऐसे मेडिकल फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।







