

Bihar Politics News: बिहार की सियासत ने आज अपना एक कद्दावर चेहरा खो दिया है। जनता के बीच अपनी गहरी पैठ रखने वाले और जन-जन के नेता पूर्णमासी राम ने बुधवार देर शाम पटना के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जिससे राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
Bihar Politics News: बिहार के लोकप्रिय नेता पूर्णमासी राम का निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
Bihar Politics News: पूर्णमासी राम का राजनीतिक सफर और उनका जनसंपर्क
बिहार की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ और जनआधार वाले नेता पूर्णमासी राम का बुधवार देर शाम पटना के रूबन अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। शाम करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज राजधानी पटना के प्रसिद्ध निजी अस्पताल में चल रहा था। उनके निधन की खबर से राज्य के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्णमासी राम को उनके सरल स्वभाव, जनता से सीधे जुड़ाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और हमेशा गरीबों तथा वंचितों की आवाज बुलंद करते रहे।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनके निधन से बिहार की राजनीति में एक ऐसे शून्य का निर्माण हुआ है, जिसे भरना मुश्किल होगा। विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे बिहार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
पूर्णमासी राम: एक जनसेवक की विरासत
पूर्णमासी राम ने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा जनसेवा में समर्पित किया। वे विधानसभा में कई बार अपनी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे और हमेशा विकास कार्यों को प्राथमिकता देते थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नेताओं ने शोक संदेश जारी किया है। सभी ने पूर्णमासी राम को एक सच्चा जनसेवक और अनुभवी राजनेता बताया है, जिनके मार्गदर्शन की हमेशा कमी खलेगी। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा जाएगा, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। पूर्णमासी राम का निधन बिहार की जनता और राजनीतिक गलियारों के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी विरासत और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।




