Rajgir Tourism News: बिहार के राजगीर में अब पर्यटकों को ठहरने के लिए एक और शानदार विकल्प मिलने जा रहा है। राज्य के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राजगीर के वन क्षेत्र में एक इको-रिसॉर्ट विकसित करने की योजना बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, एक उपयुक्त स्थल की पहचान कर ली गई है और निर्माण के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी चल रही है। यह प्रस्तावित रिसॉर्ट बिहार में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित और संचालित होने वाली अपनी तरह की पहली पर्यटन सुविधा होगी।
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राजगीर इको-रिसॉर्ट: क्या होगी खासियत?
विभाग ने बताया कि यह रिसॉर्ट राजगीर में आवास की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है, जो बिहार के सबसे व्यस्त पर्यटन स्थलों में से एक है। इस सुविधा में एक समय में लगभग 200 पर्यटक ठहर सकेंगे। इसके संचालन और रखरखाव के लिए 37 कर्मचारियों की व्यवस्था भी की जाएगी। राजगीर हर साल बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को आकर्षित करता है, क्योंकि यहां विश्व शांति स्तूप, नेचर सफारी, जू सफारी, गर्म झरने और बौद्ध धर्म व जैन धर्म से जुड़े स्थल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, रिसॉर्ट का डिज़ाइन अमेज़ॅन जैसे वर्षावन क्षेत्रों में विकसित इको-कॉटेज से प्रेरित होगा। योजना में एकल-मंजिला कॉटेज शामिल हैं, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राकृतिक परिवेश में घुलने-मिलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि आस-पास के जंगल और जैव विविधता पर किसी भी प्रभाव को कम करने के लिए निर्माण के दौरान पर्यावरणीय मानदंडों का पालन किया जाएगा।
रिसॉर्ट में कई श्रेणियों में 96 कमरे प्रस्तावित हैं। इनमें आठ सुइट रूम, आठ फर्स्ट-क्लास रूम, 40 कार्यकारी कमरे और 40 डबल-बेड रूम शामिल होंगे। जबकि आंतरिक भाग आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे, बाहरी डिज़ाइन जंगल के अनुभव को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक सौंदर्य को बरकरार रखेगा।
Rajgir Tourism News: रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
मंडलीय वन अधिकारी (DFO) राज कुमार मनमोहन ने बताया कि यह परियोजना राजगीर की नेचर सफारी और जू सफारी घूमने वाले पर्यटकों के लिए ठहरने के विकल्पों को बेहतर बनाने के लिए विकसित की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस रिसॉर्ट से पर्यटकों की संख्या बढ़ने और उनके लंबे समय तक ठहरने से स्थानीय व्यवसायों को भी समर्थन मिलने और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार के पर्यटन क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में राजगीर की स्थिति को मजबूत कर सकती है।
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यह पहल निश्चित रूप से राजगीर को देश-विदेश में और अधिक लोकप्रिय बनाएगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।







