
Rajya Sabha Elections: राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी, हर वोट कीमती, और जब एक बाहुबली विधायक जेल से आकर मतदान करे तो चुनावी रण का रोमांच अपने चरम पर पहुंच जाता है।
राज्यसभा चुनाव: बिहार में अनंत सिंह के वोट से मचेगा सियासी बवाल? NDA-महागठबंधन में बढ़ी हलचल
राज्यसभा चुनाव: अनंत सिंह को मतदान की मिली अनुमति, NDA को मिली संजीवनी
Rajya Sabha Elections: बिहार की सियासत में इन दिनों राज्यसभा चुनावों की बिसात बिछी है। इस बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए एक बेहद सुखद समाचार सामने आया है। जेल में बंद जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह को आगामी राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति मिल गई है। पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया है।
अदालत के निर्देशानुसार, 16 मार्च को होने वाले मतदान के लिए अनंत सिंह को बेऊर जेल से बिहार विधानसभा लाया जाएगा। वह अपना मत डालने के बाद वापस पुलिस अभिरक्षा में जेल लौट जाएंगे। इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, खासकर तब जब हर एक वोट कीमती है।
अनंत सिंह के वकील ने एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय के समक्ष एक याचिका दायर की थी। इसमें अनुरोध किया गया था कि उनके मुवक्किल जेल में बंद होने के बावजूद एक विधायक और मतदाता हैं, इसलिए उन्हें पुलिस सुरक्षा में विधानसभा ले जाकर मतदान करने की अनुमति दी जाए। अदालत ने आवेदन पर विचार करने के बाद अर्जी को स्वीकार कर लिया और बेऊर जेल के काराधीक्षक को आवश्यक निर्देश जारी किए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह पहली बार नहीं है जब मोकामा विधायक को जेल से विधानसभा लाया जा रहा है। इससे पहले, 3 फरवरी को बजट सत्र के दौरान भी उन्हें कुछ समय के लिए विधानसभा लाया गया था, जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली थी और उसके तुरंत बाद वापस जेल भेज दिया गया था।
गौरतलब है कि अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी हैं। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोकामा में बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। चुनाव प्रचार के दौरान जेडीयू के अनंत सिंह और जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। दुलारचंद उस वक्त पीयूष के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। आरोप के अनुसार, पहले उनके पैर में गोली मारी गई और फिर उन पर गाड़ी चढ़ा दी गई। इस मामले में अनंत सिंह समेत कई लोगों को मतदान से ठीक पांच दिन पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से ही अनंत सिंह पटना के बेऊर जेल में बंद हैं, लेकिन जेल में रहते हुए भी उन्होंने मोकामा से चुनाव जीता था।
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बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA और महागठबंधन का गणित
आगामी 16 मार्च को बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है, जिसमें राज्य के सभी विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। एनडीए खेमे की चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट पर कब्जा जमाने के लिए उन्हें तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का दावा है कि वे विपक्ष के खेमे में सेंध लगाने में सफल रहेंगे। ऐसे में मोकामा विधायक अनंत सिंह के वोट डालने की अनुमति मिलना जेडीयू और पूरे एनडीए गठबंधन के लिए एक बड़ी राहत और खुशी का सबब है।
दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है। महागठबंधन के पास वर्तमान में 35 विधायक हैं, जबकि आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह को जीत सुनिश्चित करने के लिए 6 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की दरकार है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस संबंध में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) से बातचीत की है, जिसके पास 5 विधायक हैं। यदि ओवैसी की पार्टी और बसपा के एक विधायक का समर्थन आरजेडी को मिलता है, तो उनके उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, महागठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्रॉस वोटिंग को रोकना भी होगी, विशेषकर ऐसे समय में जब सत्ता पक्ष अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर दांव आजमा रहा है। ऐसे में 16 मार्च को बिहार में होने वाला यह राज्यसभा चुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है, जहां हर एक वोट और हर एक राजनीतिक दांव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




