Ram Janaki Path: त्रेता युग की परिकल्पना को कलयुग में साकार करने वाली, आस्था और विकास की यह अनूठी गाथा अब अपनी मंज़िल की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। राम और जानकी के मिलन सेतु का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
Ram Janaki Path निर्माण की अड़चनें दूर: मशरक में तेज़ हुई प्रक्रिया, अयोध्या-जनकपुर मार्ग को मिलेगी गति
राम जानकी पथ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
सारण से खुद खबरी है। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या को माता जानकी की जन्मस्थली जनकपुर से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी Ram Janaki Path (एनएच 227ए) के निर्माण में अब तेज़ी आने वाली है। मशरक क्षेत्र से गुज़र रही इस महत्वपूर्ण परियोजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की बाधाओं को दूर करने के लिए प्रशासन ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। अंचलाधिकारी सुमंत कुमार ने अंचल कार्यालय में आयोजित बैठक में बताया कि अब अधिग्रहण में बाधक बन रहे प्लाटों की मापी चरणबद्ध और तेज़ गति से की जाएगी। लगभग 240 किलोमीटर लंबी और करीब 70 मीटर चौड़ी यह सड़क भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करेगी। यह परियोजना अयोध्या से शुरू होकर उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा के मेहरौना घाट से बिहार में प्रवेश करेगी।
यह पथ निम्नलिखित प्रमुख जिलों से होकर गुज़रेगा:
- सीवान
- सारण
- पूर्वी चंपारण
- शिवहर
- सीतामढ़ी (भिट्ठा मोड़ तक, जहां से नेपाल सीमा तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी)
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेज़ी
मशरक प्रखंड के आठ गांवों से होकर गुजरने वाले इस पथ के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से ही जारी है, जिसमें अब गति लाई जा रही है। जिलाधिकारी सारण वैभव श्रीवास्तव ने पूर्व में ही स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। अंचलाधिकारी ने आगे जानकारी दी कि मापी के काम को तेज़ी से पूरा करने के लिए ज़िले से विशेष अमीनों की टीम तैनात की गई है। इस विशेष पहल से भूमि अधिग्रहण से जुड़ी जटिल समस्याएं सुलझेंगी और सड़क निर्माण कार्य में आ रही देरी भी दूर होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का यह कदम न केवल परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा देगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि राम जानकी पथ का सपना जल्द ही हकीकत बने और दोनों पवित्र स्थलों के बीच संपर्क और सुगम हो जाए। इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
निर्माण में तेज़ी के लिए विशेष पहल
विशेष अमीनों की टीम की तैनाती से मापी का कार्य बेहद तेज़ी से पूरा किया जा रहा है, जिससे उन भूखंडों को चिन्हित किया जा रहा है जो निर्माण में बाधा बन रहे थे। इन प्रयासों से प्रशासन का लक्ष्य है कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी अड़चनों को जल्द से जल्द हटाकर राम जानकी पथ का निर्माण कार्य बिना किसी व्यवधान के आगे बढ़ाया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

