

Ramzan 2026: जैसे पतझड़ के बाद बहार का आना तय है, वैसे ही हर साल चांद की दस्तक के साथ रूहानी महीने की रौनक अपनी आभा बिखेर देती है। नेकी, इबादत और आत्मशुद्धि का यह पावन पर्व एक बार फिर पूरी दुनिया में खुशियों का पैगाम लेकर आया है।
Ramzan 2026: बिहार में रमजान का चांद दिखा, इबादत और बरकत का महीना शुरू
Ramzan 2026: बिहार में दिखा चांद, उत्साह का माहौल
बुधवार की शाम आसमान में रमजान का चांद दिखाई देते ही, पवित्र महीने रमजान 2026 की औपचारिक शुरुआत की घोषणा कर दी गई। चांद के दीदार के साथ ही समूचे बिहार में मुस्लिम समुदाय में एक आध्यात्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल छा गया। गुरुवार से रोजेदारों के लिए इबादत, रोजा और दुआ का महीना शुरू हो रहा है, जो अगले एक महीने तक चलेगा। इस दौरान आत्मशुद्धि और अल्लाह की रज़ा हासिल करने के लिए लोग विशेष प्रार्थनाएँ करेंगे और रोज़े रखेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह महीना सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पाने, गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करने और समाज में सद्भाव बढ़ाने का भी संदेश देता है। मस्जिदों में विशेष नमाज़ों का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर अल्लाह की इबादत करेंगे। सहरी और इफ्तार की महफ़िलें भी सजनी शुरू हो जाएंगी, जो इस महीने की सामाजिक एकजुटता का प्रतीक हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आत्मशुद्धि और त्याग का पर्व
रमजान के महीने को बरकतों और रहमतों का महीना कहा जाता है। इस दौरान हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। लोग ज़कात और फ़ितरा अदा कर गरीबों की मदद करते हैं। बच्चे-बूढ़े सभी अपनी क्षमतानुसार रोजे रखते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगते हैं। यह महीना इंसान को संयम, धैर्य और परोपकार का पाठ पढ़ाता है। बिहार के कोने-कोने में, छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक, हर जगह रमजान की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। बाजारों में रौनक दिख रही है और घरों में पकवानों की खुशबू अभी से फैलने लगी है। इस पवित्र महीने में हर कोई शांति और सद्भाव की कामना करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



