

शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब गांवों की सूरत बदलने वाली है। शहर की तरह अब पंचायतों में कचरा उठाव के लिए हर गांव के हर घर में हरा और नीला डस्टबिन बांटा जाएगा। इसके साथ ही अब मुखिया जी नई जिम्मेदारी भी मिलेगी जो खरीदेंगे कचरा प्रबंधन के लिए लाल-हरे रंग के डस्टबिन। इसकी खरीदारी पंचायत स्तर पर होगी।
जारी पत्र में पंचायत स्तर पर मुखिया के देखरेख में डस्टबीन से लेकर ई- रिक्शा की खरीदारी की जाएगी। जिला प्रशासन स्तर पर अधिकारी गुणवता की देखरेख करेंगे ताकि घटिया सामान खरीदारी नहीं हो सकें।
सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़े-बड़े डस्टबिन लगाए जाएंगे। जिला को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए शहर के अलावा ग्रामीण स्तर पर भी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अब गांवों में भी सफाई अभियान पर फोकस किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिला जल एवं स्वच्छता समिति के अंतर्गत पंचायतों में ठोस और गीला कचरा प्रबंधन को मंजूरी दी गई है। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अन्तर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जो राशि खर्च की जाएगी वह स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण ) मनरेगा व 15 वित्त से खर्च की जाएगी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी सूखा एवं गीला कचरा को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जाएगा।
इन पंचायतों में ठोस और तरल कचरा का प्रबंधन किया जाएगा। सभी पंचायत के सभी वार्ड के प्रत्येक घर मे दो -दो डस्टबिन खरीद कर दिया जाएगा। वार्ड स्तर पर कचड़ा कलेक्शन करने के लिए एक ठेला को भी वार्ड स्तर पर मिलेंगे जो कि कचरा का कलेक्शन करेंगी।
योजना को क्रियान्वयन करने के लिये पंचायत स्तर पर पंचायत क्रियान्वयन समिति के नाम से खाता खोला गया है। इसी खाते में राशि भेजी गई है। लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट निर्माण करने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किया जाने वाले कार्यों के लिये नियमानुसार सामग्री खरीदारी की जाएगी।
वहीं सूत्रों की माने तो पंचायत में सामानों की आपूर्ति करने के लिए आपूर्तिकर्ता जिला ग्रामीण विभाग का चक्कर लगाने में जुटे हुए है। हालांकि योजना के अध्यक्ष डीएम है। पटना से लेकर जिला स्तर पर आपूर्तिकतार्ओं ने जिला ग्रामीण विकास विभाग में अपना अपना कागजात को जमा किया है कि जिला स्तर पर उसे पंचायत में आपूर्ति करने के लिए अधिकृत किया जा सकें।
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अन्तर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य शुरू होने के बाद चयनित पंचायतों के वार्डों में स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके तहत हरेक वार्ड में 2-2 कर्मी बहाल होंगे। हर पंचायत में 5-5 कर्मियों की भी नियुक्ति होगी।
गोपालगंज के जिला सलाहकार ठोस एवं तरल अविष्ट प्रबंधक शशि कुमार ने बताया कि 90 रूपए प्रति डस्टबिन की का कीमत निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार दो पीस स्टैड के साथ लोहे का डस्टबीन 1800 रूपए, एक टेला 20 हजार रूपए और ई- रिक्शा 1 लाख 80 हजार रूपए में खरीदे जाएगें। इसकी खरीदारी पंचायत स्तर पर क्रय समिति की ओर से खरीदा जाएगा।


