



Bihar Law and Order: बिहार में अपराध का ग्राफ ऐसे बेलगाम हुआ है कि विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि राज्य में सुशासन का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है।
बिहार में कानून-व्यवस्था: RJD विधायक गोपाल कृष्ण का बड़ा आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक गोपाल कृष्ण ने बिहार की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की जोरदार मांग की है। विधायक कृष्ण ने कहा कि बिहार में इन दिनों अपराध, लूट, हत्या और बलात्कार जैसी जघन्य घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। सरकार इन बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है, ऐसा उनका आरोप है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कानून का राज स्थापित करने में सरकार की अक्षमता अब जगजाहिर हो चुकी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, RJD विधायक ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे को ही एकमात्र समाधान बताया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार राज्य की जनता को सुरक्षा देने में नाकाम रही है, और ऐसी स्थिति में सत्ता में बने रहने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने राष्ट्रपति शासन की मांग को दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय हस्तक्षेप ही राज्य को इस अराजकता से बाहर निकाल सकता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप
गोपाल कृष्ण ने कहा कि राज्य में भय और असुरक्षा का माहौल लगातार बढ़ रहा है। हर दिन अखबारों और टीवी चैनलों पर अपराध की नई-नई खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कागजों पर सुशासन का दावा कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। RJD विधायक ने जोर देकर कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार की कानून-व्यवस्था संभल नहीं रही है, तो उन्हें तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए। यह बिहार की जनता के हित में होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वे बिहार की बिगड़ती स्थिति पर संज्ञान लें और तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। राष्ट्रपति शासन की मांग पर उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में ऐसी संवैधानिक विफलता की स्थिति बन गई है, जहां नागरिक जीवन खतरे में है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गोपाल कृष्ण के इन बयानों से बिहार की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। यह दर्शाता है कि विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है।


