



लालू के लालटेन में दरार: बिहार की राजनीति में इन दिनों चाचा-भतीजे की जंग जितनी गरमाई हुई है, उतनी ही गरमाहट आरजेडी के भीतर भी महसूस की जा रही है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर उनके बयानों ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रोहिणी आचार्य के ट्वीट से गरमाई बिहार की सियासत
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर चल रही खामोश खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव और संजय यादव की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर किए गए उनके कटाक्षों ने पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस अंदरूनी कलह पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।
“लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या किया” ये तो लोकसभा , हालिया संपन्न विधानसभा के चुनावी नतीजों और पार्टी की वर्त्तमान स्थिति से ही साफ़ है , जिसे जिम्मेदारी सौंपी गयी उसने, उसके आयातित गुरु और उस गुरु के गुर्गों ने तो लालू जी व् पार्टी के प्रति समर्पित हरेक लालूवादी के दशकों के संघर्ष एवं प्रयासों को धो – पोछ कर पार्टी को बर्बादी की कगार पर ला कर खड़ा कर दिया .. सवाल पहले भी उठे थे , आज भी सवाल उठ रहे हैं , आगे भी उठेंगे , अगर नैतिक साहस है तो खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत जुटानी चाहिए , ज्ञान कौन दे रहा और ज्ञान देने की बात कर सच्चाई से मुँह कौन चुरा रहा , ये साफ़ हो जाएगा ..
आज पार्टी के हरेक सच्चे कार्यकर्ता, समर्थक और हितैषी का सवाल है ” जिन चंद घटिया लोगों को, लालू जी को नजरअंदाज कर , एक तरीके से सर्वेसर्वा बना दिया गया , उन लोगों ने पार्टी के लिए क्या किया ? और समीक्षा के नाम किए गए दिखावे पर क्या कार्रवाई की गयी ? समीक्षा रिपोर्ट अब तक क्यूँ नहीं सार्वजनिक की गयी और समीक्षा रिपोर्ट में जिन लोगों पर सवाल उठे उन पर अब तक कोई कार्रवाई क्यूँ नहीं की गयी ?”
रोहिणी आचार्य, जो अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं, ने इस बार इशारों-इशारों में पार्टी के वर्तमान नेतृत्व, खासकर तेजस्वी यादव और उनके करीबी माने जाने वाले संजय यादव पर निशाना साधा है। उनके ट्वीट को पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी और सत्ता के समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पार्टी में अंदरूनी कलह की आहट
आरजेडी, जो बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी है, पिछले कुछ समय से आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है। रोहिणी आचार्य के इस नवीनतम ट्वीट ने इन मतभेदों को सतह पर ला दिया है। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि रोहिणी आचार्य की नाराजगी पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी और उनके समर्थकों की अनदेखी से जुड़ी है। यह स्थिति पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकती है, खासकर आगामी चुनावों को देखते हुए।
यह अंदरूनी कलह पार्टी की एकजुटता पर सवालिया निशान लगाती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोहिणी आचार्य का यह कदम पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत हो सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी आलाकमान इस स्थिति को कैसे संभालता है और क्या वह रोहिणी आचार्य की चिंताओं का समाधान कर पाता है।
भविष्य की राह और पार्टी की चुनौतियां
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी बिहार में एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभरी है, लेकिन इस तरह के आंतरिक विवाद पार्टी की छवि को धूमिल कर सकते हैं। रोहिणी आचार्य के तीखे तेवर पार्टी के लिए एक नई चुनौती पेश करते हैं, जिसका सामना उन्हें सूझबूझ से करना होगा।




