विधान परिषद का चुनाव निर्दलीय जीत कर चर्चा में आए विधान पार्षद सदस्य सच्चिदानंद राय ने जदयू अध्यक्ष ललन सिंह से शुक्रवार को मुलाकात की। ललन सिंह से सच्चिदानंद राय की मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
सच्चिदानंद राय का टिकट भाजपा ने काट दिया था लेकिन इसके बावजूद वह सारण सीट पर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे और अब उन्होंने ललन सिंह से मुलाकात की है।
जदयू अध्यक्ष ललन सिंह से मुलाकात के बाद सियासी गलियारे में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भाजपा से अपनी नाराजगी को साधने के लिए सच्चिदानंद राय नीतीश के साथ चले जाएंगे।हालांकि सच्चिदानंद राय ने इस बाबत कुछ भी नहीं कहा है।
ललन सिंह से मुलाकात के बाद सच्चिदानंद राय ने कहा है कि वह अपने राजनीतिक भविष्य के साथ साथ सारण के विकास के मसले को लेकर ललन सिंह से मिले हैं।
ललन सिंह से सच्चिदानंद राय की मुलाकात को इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है क्योंकि लगातार जदयू की नजर हाल में विधान परिषद का चुनाव जीतने वाले निर्दलीय एमएलसी पर गड़ी हुई है।
एक निर्दलीय जदयू में हो चुके हैं शामिल
जदयू विधान परिषद में अपनी स्थिति को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं रखना चाहता है। विधान परिषद में नंबर तीन पार्टी बन चुकी जदयू परिषद में नंबर दो बनने की किसी संभावना को खत्म कर देना चाहती है। ऐसे में सच्चिदानंद राय का ललन सिंह से मुलाकात उनके जदयू में आने की संभावना को और मजबूत कर रहा है।
नवादा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले राजद के बागी उम्मीदवार अशोक यादव भी नीतीश कुमार से मुलाकात कर चुके हैं। गुरुवार को निर्दलीय एमएलसी महेश्वर सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और आज सच्चिदानंद राय ने ललन सिंह से मुलाकात करने पहुंचे।
हालांकि सच्चिदानंद राय ने इस बाबत कुछ भी नहीं कहा है। ललन सिंह से मुलाकात के बाद सच्चिदानंद राय ने कहा है कि वह अपने राजनीतिक भविष्य के साथ-साथ सारण के विकास के मसले को लेकर ललन सिंह से मिले हैं। ललन सिंह सत्ताधारी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लिहाजा उनसे मुलाकात का मकसद सारण का विकास है।







