
बिहार सरकार: मुख्यमंत्री बनते ही सम्राट चौधरी ने ऑफ कैमरा बातचीत में अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को बेबाकी से रखा है। शराबबंदी से लेकर घुसपैठियों तक और विकास से लेकर भ्रष्टाचार तक, जानिए किन मुद्दों पर मिला सरकार का सीधा रुख। इस बातचीत में कई बड़े फैसलों की झलक भी मिली, जिससे आने वाले दिनों में सरकार की दिशा साफ होती दिख रही है।
शराबबंदी और घुसपैठियों पर बिहार सरकार का सख्त रुख
शराबबंदी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा कि नीति में कोई बदलाव नहीं होगा, राज्य में शराबबंदी जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि अवैध तरीके से शराब की होम डिलीवरी करने वालों पर जल्द कड़ा एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस और शासन-प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर अवैध शराब पर नकेल कसी जाएगी क्योंकि सरकार इसे कानून और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानती है। घुसपैठियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि करीब 22 लाख लोगों की पहचान की गई है, जिनके आधार कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। सरकार अब इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी में है। जिन नामों को एसआईआर में हटाया गया है, उन सभी मामलों की समीक्षा चल रही है और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का खाका तैयार हो रहा है।
विकास और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। विकास के मोर्चे पर बिहार सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने तक 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने की योजना है। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास की एक मजबूत नींव रखी है और उस स्तर को पार करना आसान नहीं होगा, लेकिन सरकार नए क्षेत्रों में काम करने की तैयारी कर रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सरकार ने सख्त नीति अपनाने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी और इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही, प्रभावी शासन-प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए जनता दरबार की तर्ज पर एक नई व्यवस्था शुरू करने की बात भी सामने आई है, हालांकि उसका नाम अलग होगा।
राजनीतिक समीकरण और सहयोगी दलों की राय
राजनीतिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री का बयान अहम रहा। उन्होंने विपक्ष में टूट के संकेत दिए और कहा कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। वहीं, शराबबंदी को लेकर सहयोगी दलों के भीतर भी अलग राय सामने आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने इस कानून की समीक्षा की मांग उठाई थी। हालांकि, जेडीयू की तरफ से साफ किया गया है कि जब तक नीतीश कुमार का रुख नहीं बदलता, शराबबंदी जारी रहेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







