
सम्राट चौधरी कैबिनेट: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार ने शपथ ग्रहण कर लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बुधवार, 15 अप्रैल को एक बेहद सीमित मंत्रिमंडल ने कार्यभार संभाला। इस छोटे से शपथ ग्रहण समारोह ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
सूत्रों के अनुसार, लोकभवन में आयोजित सादे शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। एनडीए के बाकी सहयोगी दलों जैसे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास (लोजपा-आर), जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के नेताओं को मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा और आगे की रणनीति
सूत्रों की मानें तो, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। इस विस्तार में भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के ज्यादातर पुराने मंत्रियों को फिर से मौका मिलने की उम्मीद है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी 4 मई को पश्चिम बंगाल, असम और दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की योजना बना रही है। तब तक सम्राट चौधरी विधानसभा का सत्र बुलाकर अपना बहुमत साबित कर लेंगे और अपनी सम्राट चौधरी कैबिनेट को मजबूत करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सम्राट चौधरी कैबिनेट: सहयोगी दलों से सीटों का बंटवारा और स्पीकर पद पर मंथन
एनडीए के दोनों प्रमुख दल भाजपा और जदयू के बीच मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे पर शुरुआती सहमति बनने के बाद ही दोनों दल बचे हुए सहयोगी दलों – लोजपा-आर, हम और रालोमो से बातचीत करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी भाजपा और जदयू के बीच लेन-देन की चर्चा का विषय हो सकता है, जिस पद पर अभी भाजपा के प्रेम कुमार हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।





