
Siwan Crime News: बिहार के सीवान जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के लकड़ी गांव में विदेश से लौटे युवक कमरे आलम की हत्या प्रेम प्रसंग के विवाद के कारण हुई थी। इस मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं, जिसमें एक इंजीनियरिंग छात्र और उसके नाबालिग भाई की संलिप्तता का पता चला है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुला हत्या का राज
सीवान के पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि 18 जून को हुई इस वारदात की जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। घटनास्थल से भागते हुए दो संदिग्ध युवकों पर पुलिस का ध्यान गया। उनके कपड़ों पर लगी मिट्टी ने संदेह को और गहरा दिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली। इसी रिकॉर्डिंग ने हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।




AI टूल्स का इस्तेमाल कर रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक कमरे आलम, आरोपी शानवाज आलम और उसके परिवार की एक युवती के बीच चल रहे प्रेम संबंधों का विरोध करता था। इसी विवाद के चलते शानवाज आलम ने अपने नाबालिग भाई के साथ मिलकर कमरे आलम की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से ऐसे तरीकों की जानकारी जुटाई थी, जिनसे हत्या के बाद शरीर पर कम से कम निशान दिखाई दें। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि तकनीक स्वयं अपराधी नहीं होती, बल्कि उसका दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति की मंशा अपराध का कारण बनती है।
एसपी पुरन कुमार झा ने कहा, “तकनीक स्वयं अपराधी नहीं होती, बल्कि उसका दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति की मंशा अपराध का कारण बनती है।”
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले कमरे आलम के सिर पर मिट्टी से हमला किया। गंभीर चोट लगने पर जब वह बेहोश हो गया, तब उसके मुंह में मिट्टी भर दी गई। पुलिस का दावा है कि दम घुटने से ही कमरे आलम की मौत हुई। मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग इस मामले का सबसे अहम साक्ष्य है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी इस रिकॉर्डिंग को अपनी प्रेमिका को सुनाना चाहता था। पुलिस ने इस ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मुख्य आरोपी शानवाज आलम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके नाबालिग भाई को बाल न्याय अधिनियम के तहत निरुद्ध किया गया है। दोनों से गहन पूछताछ जारी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने आश्वासन दिया है कि पुलिस डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। जल्द ही न्यायालय में एक मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा मिल सके और न्याय सुनिश्चित हो।






