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पटना | बिहार में सोन नहर प्रणाली के तहत पूर्वी लिंक नहर का 10.20 किमी लंबाई में पुनर्स्थापन और लाइनिंग कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक 3.75 किमी नहर का पक्कीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है।
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योजना की शुरुआत और प्रगति
- यह महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना 1 फरवरी, 2023 को शुरू हुई थी।
- इसे जनवरी, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लक्ष्य और लाभ
योजना पूरी होने पर:
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- 1539 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को प्रत्यक्ष रूप से सिंचाई का लाभ मिलेगा।
- इसके अलावा 1,64,102 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र को अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
लाभान्वित जिले और प्रखंड
इस परियोजना से औरंगाबाद, गया, अरवल, और पटना जिलों के कई प्रखंडों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
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औरंगाबाद जिला
- बारूण, औरंगाबाद, गोह, रफीगंज, ओबरा, दाउदनगर, हसपुरा।
गया जिला
- कोंच, टेकारी।
अरवल जिला
- कलेर, अरवल।
पटना जिला
- पालीगंज, दुल्हिनबाजार, नौबतपुर, बिहटा, बिक्रम।
प्रोजेक्ट का महत्व
- इस परियोजना से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
- किसानों को किफायती सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे जल संकट वाले क्षेत्रों में खेती करना आसान होगा।
- सिंचाई नेटवर्क के विस्तार से बिहार के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
जल संसाधन विभाग की प्रतिबद्धता
बिहार सरकार का जल संसाधन विभाग इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना कृषि क्षेत्र में समृद्धि लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिंचाई नेटवर्क का विस्तार बिहार के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिससे किसान खुशहाल होंगे और उनकी फसलें अधिक लाभदायक बनेंगी।
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