

State Karate Association of Bihar: खेल की दुनिया में जब नींव मजबूत करने की बात होती है, तो फैसले दूरगामी सोच के साथ लिए जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा पटना में देखने को मिला, जहां बिहार में कराटे के भविष्य को एक नई दिशा देने की पटकथा लिखी गई। रविवार को पटना स्थित कार्यालय में State Karate Association of Bihar की वार्षिक आम बैठक सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अभय कुमार ने की। इस बैठक में राज्य में कराटे खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में महासचिव पंकज काम्बली, संयुक्त सचिव सह वरीय प्रशिक्षक मुकेश मिश्रा समेत वैशाली, पटना, दरभंगा, मधुबनी, नालंदा, सहरसा, सुपौल, और सीवान जैसे कई जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
State Karate Association of Bihar की बैठक में लिए गए अहम फैसले
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सब-जूनियर, कैडेट एवं जूनियर वर्ग के लिए राज्य स्तरीय कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन 25 एवं 26 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला संघों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे राज्य चैम्पियनशिप से पहले अपने-अपने जिलों में चयन ट्रायल या जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन अनिवार्य रूप से कर लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का हक़ न मारा जाए और सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी ही राज्य स्तर पर अपनी दावेदारी पेश करें।
एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में, कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन (KIO) के राष्ट्रीय पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने पर भी सहमति बनी, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया जा सके और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित हों।
मिथिला में कराटे को मिलेगी नई दिशा
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मिथिला कराटे डेवलपमेंट काउंसिल’ के गठन का प्रस्ताव रहा, जिसे सभी सदस्यों ने एकमत से मंजूरी दे दी। इस काउंसिल का मुख्य लक्ष्य मिथिला और मैथिली भाषी क्षेत्रों में कराटे खेल का संगठित और दीर्घकालिक विकास करना है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मुकेश मिश्रा को काउंसिल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुकेश मिश्रा ने अपनी नियुक्ति पर कहा,
“यह काउंसिल विशेष रूप से दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, सीतामढ़ी और मधेपुरा जैसे जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। हमारा लक्ष्य कराटे के संरचनात्मक विकास, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन और ग्रामीण स्तर तक कराटे संस्कृति को पहुंचाना है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल मिथिला के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।




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