Tej Pratap Yadav: राजनीति का मंच हो या लोक संस्कृति का उत्सव, बिहार के सियासी गलियारों में शायद ही कोई पल ऐसा गुजरता हो जब सुर्खियां न उछलें। इस बार मकर संक्रांति पर आयोजित एक भोज ने फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है, जहां एक ओर दही-चूड़ा का स्वाद था, वहीं दूसरी ओर विवाद का तड़का भी लगा।
तेज प्रताप यादव: दही-चूड़ा भोज में सिंगर को डांटने का वीडियो वायरल, सियासी हलचल तेज
तेज प्रताप यादव का वायरल वीडियो और बवाल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे द्वारा मकर संक्रांति पर आयोजित दही-चूड़ा भोज ने इस साल राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों ही मोर्चों पर खूब सुर्खियां बटोरीं। इस आयोजन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें तेज प्रताप यादव मंच पर एक महिला गायिका को टोकते और डांटते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया मंचों तक एक नई बहस छिड़ गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दरअसल, इस दही-चूड़ा भोज के साथ ही एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। मंच पर एक महिला गायिका अपनी प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान तेज प्रताप यादव अचानक मंच के पास पहुंचे और उन्हें गाना रोकने का निर्देश दिया। वायरल वीडियो में उन्हें स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “यहां वल्गर गाना नहीं चलेगा।” उन्होंने गायिका को सख्त हिदायत दी कि केवल पूजा-पाठ और भगवान से संबंधित भजन ही प्रस्तुत किए जाएं। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और पलक झपकते ही सोशल मीडिया पर छा गई, जिसके बाद RJD राजनीति में यह मुद्दा गरमा गया है।
वायरल वीडियो में तेज प्रताप यादव आगे कहते सुनाई दे रहे हैं, “खाली यादव जी वाला गाना गा रही हो, बंद करो ये सब।” उन्होंने गायिका से भगवान कृष्ण के भजन गाने का आग्रह किया। उनका तर्क था कि इस तरह के धार्मिक और पारंपरिक आयोजन में बार-बार अश्लील और वल्गर गाने गाना उचित नहीं है। इस घटना ने आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और कई हलकों से इस पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
लालू प्रसाद की मौजूदगी से बदले सियासी समीकरण
इस दही-चूड़ा भोज में सबसे अहम बात यह रही कि इसमें राजद सुप्रीमो और तेज प्रताप के पिता लालू प्रसाद यादव भी शामिल हुए। पार्टी और घर से संबंधित कुछ मतभेदों के बाद यह पहला अवसर था, जब लालू प्रसाद और तेज प्रताप एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक साथ मंच साझा करते दिखे। लालू प्रसाद की उपस्थिति के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि पिता और बेटे के बीच चली आ रही नाराजगी अब कम हो रही है और परिवार में सुलह का दौर शुरू हो चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सूत्रों के अनुसार, इस भोज से ठीक एक दिन पहले तेज प्रताप यादव अपनी मां राबड़ी देवी के आवास पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद, मां राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव को इस कार्यक्रम का न्योता दिया था। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान उनके मामा प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और विधायक चेतन आनंद भी मौजूद थे। इस पारिवारिक मिलन को भी राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो भविष्य की RJD राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
हालांकि, इस भोज में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की मौजूदगी ने कई लोगों को चौंकाया, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरहाजिरी को लेकर भी विभिन्न प्रकार के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, तेज प्रताप यादव का यह दही-चूड़ा भोज, वायरल वीडियो, और परिवारिक समीकरणों के कारण बिहार की राजनीति में चर्चा का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

