
पटना: लालू यादव के बड़े लाल… जिनकी सियासत से ज़्यादा चर्चा उनके निराले अंदाज़ की होती है. लेकिन इस बार कैमरे पर उनका जो रूप दिखा और जो शब्द लिखे गए, उसने पटना से दिल्ली तक सियासी गलियारों में कानाफूसी बढ़ा दी है. एक सवाल हवा में तैर रहा है कि क्या तेज प्रताप यादव ने सियासत और परिवार, दोनों से मिली दूरी का दर्द शब्दों में पिरो दिया है?
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने आध्यात्मिक अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ एक वीडियो साझा किया है. इस वीडियो में वह पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में दिख रहे हैं, लेकिन असली हलचल उनके लिखे कैप्शन ने मचाई है. उन्होंने लिखा, “जब संकट आता है, महादेव आते हैं मदद के लिए!”
यह कैप्शन अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. राजनीतिक विश्लेषक इसके गहरे मायने निकाल रहे हैं. सवाल उठ रहा है कि आखिर तेज प्रताप किस ‘संकट’ की बात कर रहे हैं? क्या यह संकट राजनीतिक है, पारिवारिक है या फिर कोई व्यक्तिगत पीड़ा है?
क्या है वीडियो और कैप्शन का मतलब?
तेज प्रताप यादव का अंदाज़ हमेशा से ही बाकी नेताओं से अलग रहा है. कभी वह कृष्ण का रूप धरते हैं तो कभी शिव की भक्ति में लीन हो जाते हैं. उनका हालिया वीडियो भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है. हालांकि, वीडियो से ज़्यादा ध्यान खींचने वाला उनका कैप्शन है, जो सीधे तौर पर किसी ‘संकट’ की ओर इशारा करता है.
माना जा रहा है कि तेज प्रताप पार्टी और परिवार में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव का कद लगातार बढ़ा है और वही पार्टी का मुख्य चेहरा हैं. ऐसे में तेज प्रताप की राजनीतिक सक्रियता पहले के मुकाबले काफी सीमित हुई है. विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट उनकी इसी भावना को व्यक्त कर सकता है.
सियासत से दूरी और भक्ति का सहारा
यह कोई पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप ने अपने मन की बात कहने के लिए सोशल मीडिया और आध्यात्म का सहारा लिया हो. वह अक्सर अपनी पोस्ट्स के ज़रिए सांकेतिक संदेश देते रहते हैं. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जब भी वह मुख्यधारा की राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर असहज महसूस करते हैं, तो उनकी सक्रियता सोशल मीडिया और धार्मिक गतिविधियों में बढ़ जाती है.
इस पोस्ट को भी इसी नज़रिए से देखा जा रहा है. यह एक तरह से पार्टी नेतृत्व और परिवार को संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि वह मौजूदा हालात से खुश नहीं हैं. ‘महादेव’ के मदद के लिए आने की बात लिखकर उन्होंने यह भी जताने की कोशिश की है कि मुश्किल घड़ी में उन्हें केवल भगवान का ही सहारा है. फिलहाल, इस एक पोस्ट ने बिहार की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है, और हर कोई तेज प्रताप के अगले कदम का इंतज़ार कर रहा है.









