

Tejashwi Yadav: बिहार की सियासत के अखाड़े में चुनावी दांव-पेंच के बीच बयानों के बाण जमकर चल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस बार एक साथ कई मोर्चों पर भाजपा को घेरते हुए न केवल सांसद मनोज तिवारी पर हमला बोला, बल्कि अखिलेश यादव के एक वीडियो के सहारे पूरी भाजपा सिस्टम को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।

शैक्षणिक योग्यता पर Tejashwi Yadav ने बोला हमला
मामले की शुरुआत तब हुई जब भाजपा सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने एक बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी से ज्यादा शिक्षित बताया। इस बयान के सामने आते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर मनोज तिवारी को टैग करते हुए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की डिग्री दिखाने की चुनौती दे डाली। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा, “फटा-फट खोल के दिखाओ…… Educational Certificate”। उनके इस सीधे हमले ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां अब नेताओं की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
तेजस्वी यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने हमले को और धार देते हुए राष्ट्रकवि दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियों का सहारा लिया। उन्होंने कर्ण और कृष्ण के संवाद का जिक्र करते हुए कविता शेयर की, “हम ही धर्मार्थ क्या दहते रहेंगे? सभी कुछ मौन हो सहते रहेंगे? कि देंगे धर्म को बल अन्य जन भी? तजेंगे क्रूरता, छल अन्य जन भी?” इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिखाता है कि बिहार की राजनीति में अब साहित्यिक और पौराणिक संदर्भों का भी इस्तेमाल हो रहा है।
अखिलेश के वीडियो और कथावाचक के बयान से बीजेपी पर निशाना
तेजस्वी यादव ने अपने हमले को और व्यापक करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में अखिलेश यादव भाजपा की कार्यशैली पर तंज कसते नजर आ रहे हैं। अखिलेश कहते हैं, “हथेली गरम पुलिस नरम…. ये बीजेपी वालों ने फ्री में हमको ट्यूशन दे दिया है।” अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने विरोधियों को फंसाने के लिए उन्हीं के समुदाय के लोगों का इस्तेमाल करती है, जैसे आजम खान के खिलाफ मुस्लिम से, इरफान सोलंकी के खिलाफ मुस्लिम से और दीपक यादव के खिलाफ यादव से मुकदमा करवाया गया।

इसी क्रम में तेजस्वी ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और गलगोटिया यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के कथित बयानों का भी जिक्र किया। जिसमें कथावाचक के यह कहने का दावा किया गया कि “मेरे अंदर भगवान नारायण का DNA है, मुझे पैदा करने में मेरे बाप का कोई योगदान नहीं है”। इन सभी बयानों को एक साथ पेश कर तेजस्वी यादव ने यह दिखाने की कोशिश की है कि भाजपा और उससे जुड़े लोग किस तरह के दावे और रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन सियासी घमासान के बीच, देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर और भी तेज होगा।




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