RJD News: राजनीति की बिसात पर त्योहारों के रंग कभी फीके तो कभी गहरे होते हैं, जब रिश्तों की डोर भी चुनावी दांव-पेंच में उलझ जाती है।
RJD News: मकर संक्रांति पर दूरियां, सियासी हलकों में हलचल
बिहार में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर एक बार फिर सियासी दूरियां सुर्खियों में हैं। जहां एक ओर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया, वहीं छोटे भाई और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस आयोजन से नदारद रहे। तेज प्रताप यादव ने स्वयं तेजस्वी को न्योता दिया था और स्नेह पूर्वक गले भी लगाया था, जिसकी तस्वीरें भी साझा की गईं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन तस्वीरों में तेज प्रताप अपनी भतीजी को गोद में लिए भी दिखे थे।
लालू प्रसाद यादव भले ही इस भोज में शामिल हुए हों, लेकिन उनकी उपस्थिति छोटे बेटे तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर उठे सवालों का जवाब नहीं बन पाई। विपक्ष ने इसे राजद के आंतरिक मतभेदों से जोड़कर देखा, जिसके बाद पार्टी सांसद जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि लालू यादव कार्यक्रम में पहुंचे थे। पर्व को कुछ लोग निजी तौर पर मनाते हैं तो कुछ सार्वजनिक रूप से। यह रिपोर्ट आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) नामक अपनी अलग पार्टी बनाने के बाद तेज प्रताप यादव लगातार अपना राजनीतिक वजूद कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पहले चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इस मकर संक्रांति पर उन्होंने न केवल भव्य दही-चूड़ा, तिलकुट भोज का आयोजन किया, बल्कि गरीबों के बीच चादर वितरण भी किया। इसके उलट, तेजस्वी यादव इस पूरे आयोजन से दूर रहे और सार्वजनिक तौर पर कहीं नहीं दिखे।
भाई के न्योता पर तेजस्वी के न पहुंचने पर सवाल उठना स्वाभाविक था। इस पर राजद सांसद सुधाकर सिंह ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ निजी और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर मनाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर यह पर्व बुधवार को मनाया गया और कई जगह गुरुवार को भी इसका आयोजन हुआ।
बहुत सारे लोग सार्वजनिक तौर पर भी त्योहार मनाते हैं और बहुत से लोग निजी तौर पर भी पर्व को मनाना पसंद करते हैं। यह उनका निजी फैसला होता है, इसलिए इसे कोई बहुत महत्वपूर्ण खबर नहीं मानना चाहिए। जहां तक लालू प्रसाद यादव की बात है, वह एक वरिष्ठ नेता हैं और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते रहते हैं। इसी क्रम में वे तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में भी पहुंचे थे। इसमें किसी भी तरह के राजनीतिक संदेश या विवाद को देखने की आवश्यकता नहीं है। हमें तेजस्वी यादव के इस फैसले को स्वीकार करना चाहिए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
राजद में कोई मतभेद नहीं: पार्टी का दावा
राजद सांसद ने इस बात पर जोर देते हुए दावा किया कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य है और किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सदस्य एकजुट होकर काम कर रहे हैं। तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव सभी अपने-अपने तरीके से त्योहार मना रहे हैं, और इसे लेकर अनावश्यक अटकलें लगाना सही नहीं है। सबका अपना-अपना अधिकार है, बताते चलें कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

