

Bihar Law and Order: बिहार में कानून-व्यवस्था की बहस एक बार फिर गरमा गई है, जहां सियासी तीर आर-पार हो रहे हैं और जनता सवालों के कटघरे में खड़ी है।
Bihar Law and Order: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में मौजूदा सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि राज्य में अपराधियों को भयभीत करने के बजाय उन्हें सरकारी संरक्षण मिल रहा है। यह स्थिति तब है जब आम जनता और विपक्ष के नेता लगातार अपराधों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। तेजस्वी यादव के अनुसार, जब विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता सरकार से सवाल पूछते हैं, तो उन्हें दबाने और परेशान करने की कोशिश की जाती है, जबकि अपराधियों को खुली छूट मिल रही है।
अपराधियों को संरक्षण: बिहार में कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब बिहार में हाल के दिनों में कई आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने न केवल पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकार की नीतियों पर भी उंगली उठाई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रही है, और राजनीतिक प्रतिशोध के चलते विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने कई उदाहरण भी दिए, हालांकि विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम जनता को सुरक्षा देना है, अपराधियों को नहीं। लेकिन बिहार में तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। सत्ता पक्ष के नेता इन आरोपों को निराधार बता रहे हैं, उनका कहना है कि सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि क्या यह सुशासन है, जहां अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और सवाल उठाने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है? उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा और राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। विपक्ष के नेता लगातार पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं और उनका मानना है कि सरकार की प्राथमिकताएं गलत दिशा में हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बढ़ते अपराध और सियासी खींचतान
बिहार में बढ़ते अपराधों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। हत्या, लूट और रंगदारी जैसी घटनाएं आम हो चली हैं, जिससे जनता में भय का माहौल है। इन घटनाओं को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां विपक्ष सरकार पर नाकामी का ठिकरा फोड़ रहा है, वहीं सरकार विपक्ष पर माहौल खराब करने का आरोप लगा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस खींचतान का सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ रहा है, जो बेहतर कानून-व्यवस्था की उम्मीद करती है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा एक बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है।





