Tejashwi Yadav Patna Return: राजनीति का अखाड़ा फिर से गुलज़ार होने को बेताब है, क्योंकि डेढ़ महीने के ‘अज्ञातवास’ के बाद बिहार की राजनीति के युवा धुरंधर तेजस्वी यादव पटना लौट आए हैं। उनके कदम रखते ही एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा, मानो कोई उत्सव हो।
Tejashwi Yadav Patna Return: डेढ़ महीने बाद तेजस्वी की वापसी, बिहार की सियासत में हलचल तेज
Tejashwi Yadav Patna Return: सियासी गलियारों में इंतजार खत्म
करीब डेढ़ महीने की अनुपस्थिति के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रविवार को पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं और नेताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों और जिंदाबाद के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जो अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने को बेताब थे।
हालांकि, मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने ज्यादा कुछ नहीं कहा। उन्होंने केवल मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया और कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वे अपने परिवार के साथ सीधे आवास की ओर रवाना हो गए। उनकी वापसी से राज्य के सियासी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई दिनों से विपक्ष लगातार उन पर निशाना साध रहा था कि वे बिहार से गायब हैं।
तेजस्वी की अनुपस्थिति के दौरान, कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही वे सार्वजनिक तौर पर कम दिख रहे थे, जिससे विपक्ष को उन पर हमलावर होने का मौका मिल गया था। उनकी वापसी ऐसे समय में हुई है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है।
राजद खेमे में उत्साह, विपक्ष पर दबाव
तेजस्वी यादव की वापसी से राजद खेमे में नया जोश भर गया है। कार्यकर्ताओं और नेताओं का मानना है कि उनके नेता के लौटने से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, विपक्ष अब तेजस्वी के अगले कदम का इंतजार कर रहा है। देखना होगा कि वे अपनी चुप्पी कब तोड़ते हैं और किन मुद्दों पर सरकार को घेरते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी अनुपस्थिति के दौरान, कई राजनीतिक विश्लेषक उनकी गैर-मौजूदगी पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब उनकी वापसी से सभी अटकलों पर विराम लग गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। तेजस्वी की वापसी केवल राजद के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण बिहार की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


