
बिहार से बड़ी खबर सामने आई है, जिसने राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित बिहार पुलिस की चालक सिपाही भर्ती परीक्षा में बुधवार को एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में एक स्कॉलर, एक सेटर और असली अभ्यर्थी सहित तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जिसने पूरे सिस्टम में हड़कंप मचा दिया है।
परीक्षा में सेंधमारी का खुलासा
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) की ओर से आयोजित की गई बिहार पुलिस की चालक सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल और धोखाधड़ी का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान, खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कॉलर, सेटर और मूल अभ्यर्थी को दबोच लिया। यह घटना बुधवार को हुई, जब परीक्षा चल रही थी। इन तीनों की गिरफ्तारी से परीक्षा केंद्र पर भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों आरोपी बिहार के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनमें से एक व्यक्ति ‘स्कॉलर’ की भूमिका में था, जिसका काम मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देना था। दूसरा आरोपी ‘सेटर’ बताया जा रहा है, जिसकी भूमिका परीक्षा में अनुचित साधनों को उपलब्ध कराने या प्रश्न पत्र से संबंधित गतिविधियों में हो सकती है। वहीं, तीसरा गिरफ्तार व्यक्ति वह ‘मूल अभ्यर्थी’ है, जिसने इस धोखाधड़ी में शामिल होकर परीक्षा पास करने की कोशिश की थी।
भविष्य पर लटकी तलवार
इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अक्सर ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं, जहां कुछ असामाजिक तत्व परीक्षाओं की पारदर्शिता को भंग करने की कोशिश करते हैं। पुलिस और केंद्रीय चयन पर्षद इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इस गिरफ्तारी से यह भी साफ है कि प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है और उन्हें रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।









