
लखीसराय न्यूज़: स्वास्थ्य विभाग की जमीनी हकीकत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है. अब कागजों और रजिस्टरों का बोझ लेकर घूमने वालीं आशा कार्यकर्ता जल्द ही हाईटेक होने वाली हैं. एक खास मोबाइल ऐप उनके काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल देगा, जिससे न सिर्फ उन्हें आसानी होगी, बल्कि पूरे सिस्टम में भी पारदर्शिता आएगी. आखिर क्या है ये ऐप और कैसे ये स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति लाने वाला है?
अब डिजिटल होंगी आशा कार्यकर्ता
लखीसराय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को आशा फैसिलिटेटरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन्हें सरकार द्वारा लॉन्च किए गए नए मोबाइल एप्लीकेशन ‘भव्या एम आशा’ (Bhavya M ASHA) से परिचित कराना और उसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी देना था. यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.
इस प्रशिक्षण का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आशा फैसिलिटेटर पहले खुद इस ऐप को चलाना सीखें, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी आशा कार्यकर्ताओं को इसे इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित कर सकें. विभाग का मानना है कि इस ऐप के जरिए ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और आंकड़ों के प्रबंधन में अभूतपूर्व सुधार होगा.
क्या है भव्या एम आशा ऐप और क्यों है यह खास?
‘भव्या एम आशा’ एक मोबाइल एप्लीकेशन है जिसे विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं के काम को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस ऐप की मदद से आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की सभी स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड सीधे अपने मोबाइल पर दर्ज कर सकेंगी. इससे कई स्तरों पर फायदे होंगे:
- रियल-टाइम डेटा: गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और अन्य स्वास्थ्य आंकड़ों को तुरंत अपडेट किया जा सकेगा.
- पारदर्शिता: सभी आंकड़े सीधे ऑनलाइन सर्वर पर उपलब्ध होंगे, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका खत्म हो जाएगी.
- तेज भुगतान: आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का हिसाब-किताब सीधे ऐप के जरिए होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी.
- कागजी काम से मुक्ति: अब उन्हें भारी-भरकम रजिस्टर मेंटेन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनका समय बचेगा और वे अपने मुख्य काम पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगी.
प्रशिक्षण में दी गई अहम जानकारियां
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस ट्रेनिंग के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने सभी आशा फैसिलिटेटरों को ऐप डाउनलोड करने, लॉग-इन करने और अलग-अलग सेक्शन में डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया. उन्हें यह भी बताया गया कि वे ऐप के जरिए अपनी रिपोर्ट कैसे देख सकती हैं और अपने काम की प्रगति को कैसे ट्रैक कर सकती हैं. अब ये फैसिलिटेटर जल्द ही क्लस्टर स्तर पर सभी आशा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देंगी, ताकि इस प्रणाली को पूरी तरह से लागू किया जा सके.







