बीकोठी.
आधी रात का सन्नाटा, गांव गहरी नींद में सोया था… कि तभी चीख-पुकार और आग की ऊंची लपटों ने पूरे इलाके को दहला दिया. जब तक लोग कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक दो परिवारों का सब कुछ जलकर राख के ढेर में बदल चुका था.
यह दर्दनाक घटना पूर्णिया जिले के बीकोठी प्रखंड अंतर्गत सभागाछी गांव की है, जहां देर रात अज्ञात कारणों से लगी आग ने दो घरों को अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर सो रहे लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन अपना आशियाना नहीं बचा सके.
अफरा-तफरी के बीच ग्रामीणों ने शुरू की आग बुझाने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक घर से आग की लपटें उठते देख गांव में हड़कंप मच गया. शोर सुनकर आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया. कोई बाल्टी से पानी फेंक रहा था तो कोई मिट्टी डालकर आग को रोकने की कोशिश कर रहा था. ग्रामीणों की घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
लाखों के नुकसान का अनुमान
इस भीषण अग्निकांड में दोनों परिवारों का घर और उसमें रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया. पीड़ित परिवारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. आग की वजह से घर में रखे अनाज, कपड़े, फर्नीचर और जरूरी कागजात समेत लाखों की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है. पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि दिन-रात मेहनत कर जो कुछ भी जमा किया था, वह सब कुछ आग ने एक झटके में छीन लिया.
आग लगने के मुख्य कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. कुछ लोग शॉर्ट सर्किट की आशंका जता रहे हैं, तो वहीं कुछ अन्य वजहों पर भी चर्चा हो रही है. फिलहाल, स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है.
प्रशासन से मदद की गुहार
घटना के बाद दोनों पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं. गांव के लोग उन्हें सांत्वना दे रहे हैं और हरसंभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, पीड़ितों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल सहायता और उचित मुआवजे की गुहार लगाई है, ताकि वे फिर से अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें. अंचलाधिकारी को घटना की सूचना दे दी गई है और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.




