

Bihar AI: सूबे के राजनीतिक गलियारों में अब सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि तकनीक के भविष्य की भी सुगबुगाहट है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई दस्तक ने उम्मीदों के पंख लगाए हैं।
Bihar AI: यूके के मंत्री और संजय झा की मुलाकात से बिहार में AI का नया सवेरा
बिहार की राजनीति और तकनीक के भविष्य को एक सूत्र में पिरोने वाली एक अहम मुलाकात ने राज्य में नई बहस छेड़ दी है। यूनाइटेड किंगडम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री कनिष्क नारायण ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा से उनके आवास पर भेंट की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार की तकनीकी क्षमताओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं पर चर्चा करना था।
बिहार AI: सूबे में तकनीकी क्रांति की नई उड़ान
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अगली औद्योगिक क्रांति के तौर पर देख रही है। मंत्री नारायण और सांसद झा के बीच हुई इस चर्चा को बिहार के तकनीकी परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। संजय कुमार झा ने बिहार में उपलब्ध मानव संसाधन, विशेषकर युवा इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों की क्षमता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि किस तरह बिहार के युवा तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं और राज्य को एक ‘डिजिटल बिहार’ के रूप में विकसित करने में योगदान दे रहे हैं। इस मुलाकात ने बिहार को एक नए तकनीकी हब के तौर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/सांसद संजय कुमार झा ने बताया कि इस बैठक में बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संबंधित तकनीकों के विकास का केंद्र बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से बात हुई। यूके के मंत्री कनिष्क नारायण ने भी बिहार में मौजूद प्रतिभा और इनोवेशन की संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने और जन-कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में AI एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह संवाद भविष्य में बिहार और यूके के बीच तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोल सकता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भविष्य की संभावनाएं और रोडमैप
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्च-स्तरीय मुलाकातें बिहार के लिए वैश्विक मंच पर अपनी तकनीकी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही उपयोग बिहार में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में क्रांति ला सकता है। सरकार यदि सही नीतियों और बुनियादी ढांचे के साथ इस दिशा में आगे बढ़ती है, तो बिहार जल्द ही भारत के तकनीकी मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है। संजय झा ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार को अब सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित न रहकर, अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने और उनमें निवेश करने की आवश्यकता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बैठक ‘डिजिटल बिहार’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





