
केंद्रीय बजट: खेती-किसानी की धुरी पर घूमती भारत की अर्थव्यवस्था में, यह एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, जो किसानों के लिए समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करेगा।
केंद्रीय बजट 2026-27: कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की दस्तक
बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा, जिससे किसानों को उर्वरक सब्सिडी के माध्यम से बड़ी राहत मिलेगी। कृषि विज्ञान केंद्रों के सुदृढीकरण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और फसल विकास को नई गति प्राप्त होगी। इन पहलों से किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र अधिक टिकाऊ, आधुनिक एवं लाभकारी बनेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है। कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय किसानों की आय में वृद्धि, उत्पादन लागत में कमी तथा कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सीधे तौर पर किसान कल्याण को बढ़ावा देगी।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ते खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। यह सब्सिडी उत्पादन लागत को कम करेगी और किसानों को सीधा आर्थिक लाभ प्रदान करेगी, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कृषि विज्ञान केंद्र और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन: सतत विकास की राह
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने आगे कहा कि केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सतत कृषि विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभिनव प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि उत्पादन और उत्पादन-पश्चात तंत्र को सुदृढ़ करने का प्रावधान किया गया है। बजट में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में भी अनुसंधान को प्राथमिकता दी गई है, जिससे दीर्घकालिक कृषि स्थिरता सुनिश्चित होगी। इस पहल से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए उन्नत फसल विज्ञान पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट वास्तव में किसान कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





