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UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पटना में शांतिपूर्ण, पेपर रहा ‘लंबा और चुनौतीपूर्ण’, पढ़िए – अभ्यर्थियों ने क्या बताया!

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UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शुमार यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को देशभर में आयोजित की गई। पटना में भी हजारों अभ्यर्थियों ने इस कठिन इम्तिहान में हिस्सा लिया, जहाँ प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बिहार की राजधानी में यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

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अभ्यर्थियों ने बताया ‘लंबा और चुनौतीपूर्ण’ रहा UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का पेपर

परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि जनरल स्टडीज (GS) का पेपर ‘मध्यम से कठिन’ स्तर का था। कई अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि:

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  • कई सवाल काफी लंबे थे।
  • कुछ सवालों को जटिल और विश्लेषणात्मक तरीके से फ्रेम किया गया था।
  • परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।
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आपको बता दें, यूपीएससी प्रीलिम्स की परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की गई थी:

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  • जनरल स्टडीज पेपर: सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक
  • CSAT पेपर: दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक

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पटना में करीब 40 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, पटना में कुल 79 केंद्र बनाए गए थे, जहाँ 39,147 अभ्यर्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई थी। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। अधिकारियों ने परीक्षा शुरू होने से केवल 30 मिनट पहले तक ही प्रवेश की अनुमति दी। समय सीमा के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।

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कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई परीक्षा

व्यवस्थित और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटना जिला प्रशासन ने शहर को 30 प्रशासनिक क्षेत्रों में बांटा था। इन क्षेत्रों में:

  • जोड़ल मजिस्ट्रेट
  • रिजर्व मजिस्ट्रेट
  • स्टेटिक मजिस्ट्रेट
  • सहायक पर्यवेक्षक
  • पुलिसकर्मी
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तैनात किए गए थे। प्रशासन ने बताया कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी की गई।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर थी पाबंदी

अधिकारियों ने नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए थे। अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने की सख्त मनाही थी। परीक्षा केंद्रों के बाहर नियमों और प्रतिबंधित वस्तुओं के संबंध में लगातार घोषणाएं की जा रही थीं। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि प्रतिबंधित सामग्री के साथ पाए जाने वाले अभ्यर्थियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अयोग्य घोषित करना और भविष्य की परीक्षाओं से वंचित करना शामिल है।

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जिला प्रशासन और आयोग दोनों के अधिकारियों ने बताया कि दिनभर व्यवस्थाएं काफी सुचारु रहीं। UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसके माध्यम से आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है।

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