spot_img

बिहार में सरकारी भूमि का 15 दिनों में होगा वैरिफिकेशन, DM भेंजेंगे जांच रिपोर्ट

सरकारी भूमि की सत्यापन रिपोर्ट 15 दिसंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश| राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सभी डीएम को लिखा पत्र |

spot_img
- Advertisement -

बिहार में सरकारी भूमि का 15 दिनों में होगा वैरिफिकेशन, DM भेंजेंगे जांच रिपोर्ट| जहां, बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से बड़ा आदेश सामने आया है। इसके तहत, प्रदेश भर में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी (Verification of government land in Bihar will be done in 15 days) है। इसी के मद्देनजर नए निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM will send investigation report) को 15 दिसंबर तक सरकारी भूमि का सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  100 KMPH की रफ़्तार से जुड़ेगा उत्तर-दक्षिण बिहार, अगले महीने से शुरू होगा यह 6 लेन पुल, जानिए

सत्यापन का उद्देश्य

- Advertisement -

इस सत्यापन का मुख्य उद्देश्य राज्य की सरकारी भूमि का सटीक डेटाबेस तैयार करना है। इस डेटाबेस का उपयोग भविष्य में भूमि उपयोग नियोजन, विकास कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेने में किया जाएगा।

- Advertisement -

सत्यापन प्रक्रिया

सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर सरकारी भूमि की ऑनलाइन सूची का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के दौरान निम्नलिखित जानकारी एकत्र की जाएगी:

  • खेसरा का सत्यापन: प्रत्येक राजस्व ग्राम में 5 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली सरकारी भूमि के खेसरे का सत्यापन किया जाएगा।
  • भूमि का वर्तमान उपयोग: सत्यापन के दौरान यह जानकारी भी एकत्र की जाएगी कि वर्तमान में उस खेसरे का क्या उपयोग हो रहा है।
  • अंचलवार विवरणी: प्रत्येक अंचल के सभी राजस्व ग्रामों की विस्तृत विवरणी तैयार की जाएगी।
  • जिलावार समेकित विवरणी: प्रत्येक जिले में खाली पड़ी हुई सरकारी भूमि का समेकित विवरणी तैयार किया जाएगा। इसमें जल संसाधन विभाग एवं अन्य विभाग की अनुपयोगी जमीन को भी शामिल किया जाएगा।
यह भी पढ़ें:  UGC NET Coaching: बिहार में EWS छात्रों के लिए बड़ा झटका, दाखिले पर लगी रोक!

डेटाबेस का उपयोग

सत्यापन के बाद एकत्रित किए गए डेटा को एक लैंड बैंक (land bank) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इस डेटाबेस को सभी संबंधित विभागों के साथ साझा किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथि

सभी जिलाधिकारियों को 15 दिसंबर तक सत्यापन का कार्य पूरा कर विभाग को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। बिहार सरकार की ओर से शुरू किया गया यह भूमि सत्यापन अभियान राज्य की सरकारी भूमि के संरक्षण और कुशल उपयोग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अभियान से भविष्य में भूमि से संबंधित विवादों को कम करने में भी मदद मिलेगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Muzaffarpur Police Transfer: बड़ा फेरबदल, एक साथ आधा दर्जन इंस्पेक्टरों को मिली नई जिम्मेदारी

Muzaffarpur Police Transfer: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने...

‘67 लाख…’ Muzaffarpur में बड़ा Cyber Fraud…रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 67 लाख की ठगी, पढ़िए पिता-पुत्र की मायाजाल में कैसे फंस गए मैनेजर साहब

Cyber Fraud: बिहार में साइबर अपराधियों का दुस्साहस अब चरम पर है। मुजफ्फरपुर में...

Jitan Ram Manjhi: ‘संतोष मेरा सौतेला बेटा…’, मांझी ने क्यों किया यह भावुक खुलासा?

Jitan Ram Manjhi: बिहार की राजनीति में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल है....