

West Bengal Politics: लोकतंत्र के आँचल में जब सत्ता का अहंकार, भय और दबाव के धागे बुनने लगता है, तब एक स्वतंत्र समाज की साँसें घुटने लगती हैं। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इन्हीं घुटन भरी सच्चाइयों को उजागर करते हुए दो राज्यों की सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
West Bengal Politics: ‘लोकतांत्रिक चेतना’ पर ‘भय’ का साया!
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि टीएमसी का सही अर्थ अब तुष्टिकरण, माफिया और क्राइम हो गया है। कभी लोकतांत्रिक चेतना और बौद्धिक परंपरा के लिए जानी जाने वाली पश्चिम बंगाल की धरती आज भय, दबाव और राजनीतिक हिंसा की प्रयोगशाला में तब्दील हो गई है।
उन्होंने जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ अशोक दास की आत्महत्या के मामले में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी निभाना भी अपनी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है? सरावगी ने बताया कि दास एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी थे, जिन पर टीएमसी नेताओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
टीएमसी नेताओं ने उन्हें चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने चुनावी लिस्ट से किसी भी अवैध वोटर को हटाया, तो न सिर्फ उन्हें मार दिया जाएगा, बल्कि उनकी पत्नी और छोटे बच्चे को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस असहनीय मानसिक दबाव और जान के खतरे के भय से विवश होकर बीएलओ अशोक दास को आत्महत्या जैसा वीभत्स कदम उठाना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरावगी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के राज में वहां रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को छोड़कर कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा का परिणाम बताया।
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मीडिया की आजादी पर हमला: पंजाब में आप सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
एक ओर जहां पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है, वहीं दूसरी ओर बिहार भाजपा अध्यक्ष सरावगी ने पंजाब में भगवंत मान सरकार के मीडिया पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर आम आदमी पार्टी को भी घेरा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, मीडिया पर केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार लगातार हमला कर रही है। सही खबरें चलाने या प्रकाशित करने का काम करने वाले मीडिया दफ्तरों पर रेड मारी जाती है, एफआईआर दर्ज की जाती है और उन पर अनुचित दबाव बनाया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

