Bihar Encroachment Drive: जमीन पर कब्ज़े की कहानी बिहार में कोई नई नहीं, लेकिन अब इस पर ‘बुलडोजर’ की लकीर खिंच रही है। प्रशासनिक सख्ती का चाबुक उन पर बरसने को तैयार है जिन्होंने सरकारी ज़मीनों को अपनी बपौती समझा।
बिहार एनक्रोचमेंट ड्राइव: बिहार में गरजे बुलडोजर, सात दिन का अल्टीमेटम, हजारों एकड़ जमीन पर कब्ज़ा मुक्त करने की तैयारी!
बिहार एनक्रोचमेंट ड्राइव: लौरिया और बनमनखी में तेज हुई कार्रवाई
Bihar Encroachment Drive: बिहार के दो प्रमुख जिलों, पश्चिम चंपारण के लौरिया और पूर्णिया के बनमनखी में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। वर्षों से अवैध कब्ज़े का शिकार रही हजारों एकड़ भूमि को मुक्त कराने के लिए अब बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक होगी जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर सार्वजनिक संपत्ति पर अपना कब्ज़ा जमा लिया था।
पश्चिम चंपारण के लौरिया में तो प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को सात दिनों का सीधा अल्टीमेटम जारी कर दिया है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई और बुलडोजर की सीधी कार्रवाई होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम ने संबंधित इलाकों में जांच का काम भी शुरू कर दिया है।
पूर्णिया के बनमनखी में स्थिति और भी गंभीर है, जहां ग्रामीणों ने ऐतिहासिक कोशी माता मेला की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग जोर पकड़ ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भूमि सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है और इसे कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए घेर रखा है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान से मेला की प्राचीन गरिमा बहाल होने की उम्मीद है।
सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्ज़े का मकड़जाल
बिहार के विभिन्न हिस्सों में सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्ज़ा एक बड़ी समस्या रही है, जिससे विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में बाधा आती है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य भर में हजारों एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा है। यह न केवल सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाता है बल्कि आम जनता को भी उनके अधिकारों से वंचित करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रशासन की यह सख्ती दर्शाता है कि सरकार अब इस मुद्दे पर गंभीर है और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आने वाले दिनों में और भी जिलों में इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है, क्योंकि सरकार का लक्ष्य सभी सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करना है।
इस अभियान से न केवल सरकारी ज़मीनों की वापसी होगी, बल्कि कानून का राज भी स्थापित होगा। उम्मीद है कि यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश साबित होगी जो सरकारी संपत्ति को अपनी निजी जागीर समझते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






