

Bihar Minister School Inspection: शिक्षा के मंदिर में अव्यवस्था का ग्रहण लग गया जब बिहार के मंत्री ने खुद जमीनी हकीकत परखी। व्यवस्थाओं का हाल बेहाल देख मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
Bihar Minister School Inspection: पूर्णिया के अंबेडकर आवासीय विद्यालय में मिलीं गंभीर खामियां, मंत्री लखेंद्र पासवान ने जताई गहरी नाराजगी
Bihar Minister School Inspection: मंत्री लखेंद्र पासवान का औचक दौरा और व्यवस्थाओं पर सवाल
पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, जानकी नगर में बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने अचानक निरीक्षण कर सबको चौंका दिया। यह औचक दौरा तब हुआ जब मंत्री को स्कूल की आंतरिक शैक्षणिक व्यवस्था और छात्रों की सुविधाओं को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मंत्री ने स्कूल परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला और वहां की स्थिति देखकर उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ उभर आईं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं को देखकर कड़ा रुख अपनाया और अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। छात्रों के रहने की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और पढ़ाई-लिखाई के माहौल में कई खामियां पाई गईं, जिनसे मंत्री बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं दिखे।
मंत्री ने कहा कि जिस उद्देश्य से इन आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है, वह कहीं न कहीं धूमिल होता दिख रहा है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सुधार लाने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस औचक निरीक्षण से विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मंत्री के तेवर देखकर यह स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा और कल्याण योजनाओं को लेकर कितनी गंभीर है। खासकर दलित और आदिवासी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने शिक्षकों और कर्मचारियों से भी सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं, लेकिन साथ ही उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत भी दी।
यह घटना दर्शाती है कि सिर्फ योजनाएं बना देना काफी नहीं है, बल्कि उनका जमीनी क्रियान्वयन कितना कारगर है, यह देखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए ऐसे औचक निरीक्षणों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मंत्री की नाराजगी और आगे की कार्रवाई
मंत्री लखेंद्र पासवान ने अपने दौरे के बाद संबंधित अधिकारियों को तलब किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंबेडकर आवासीय विद्यालय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि वंचित तबके के बच्चों के लिए आशा का केंद्र हैं। इन विद्यालयों में उचित सुविधाएँ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक फॉलो-अप टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और जो भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें लापरवाही बरतते पाए जाएंगे, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस कदम से शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह संदेश साफ है कि बिहार सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कोई समझौता नहीं करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


