

Purnia News: पूर्णिया में सरकारी खजाने को लेकर कुछ विभाग ऐसे सुस्त बैठे हैं, जैसे सर्दियों की धूप में कोई अजगर। इसी सुस्ती पर अब जिला पदाधिकारी का चाबुक चला है और कई बड़े विभागों से जवाब तलब कर लिया गया है।
Purnia News: जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में खुली पोल
पूर्णिया के जिला पदाधिकारी (डीएम) अंशुल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय में जिला खनन टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हुए राजस्व समाहरण की विस्तृत समीक्षा करना था। खनिज विकास पदाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए कुल 3274.22 का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि लक्ष्य के मुकाबले वसूली की गति काफी धीमी है। आंकड़ों के अनुसार, ईंट मद में 139.46 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक केवल 91.35 की ही वसूली हो पाई है, जबकि दंड मद में 191.18 की वसूली की गई है। जिले में राजस्व का मुख्य स्रोत विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लघु खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी और मालिकाना शुल्क है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 2503.11 का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध 22 कार्य विभागों ने अब तक सिर्फ 1897.64 ही जमा कराए हैं।
बैठक में यह खुलासा हुआ कि कई विभागों ने इस मामले में गंभीर लापरवाही बरती है। शून्य रॉयल्टी और मालिकाना शुल्क जमा करने वाले विभागों की सूची काफी लंबी है, जिसमें शामिल हैं:
पंचायत समिति (बैसा, बी कोठी)
विद्युत आपूर्ति विभाग
नगर पंचायत (धमदाहा, चम्पानगर, रूपौली बिरौली, भवानीपुर, जानकी नगर, मीरगंज, अमौर एवं बायसी)
नगर परिषद्, कसबा
डीएम ने दिए सख्त निर्देश, होगी कार्रवाई
इन विभागों द्वारा शून्य राशि जमा किए जाने को जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से इन सभी से कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। यही नहीं, डीएम ने उन विभागों को भी नहीं बख्शा जिन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में कम राशि जमा की थी। इस ख़राब राजस्व वसूली पर नाराजगी जताते हुए भवन निर्माण विभाग, पंचायती राज विभाग और राष्ट्रीय उच्च पथ (NH) से भी कम रॉयल्टी जमा करने पर कारण पृच्छा करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी कार्य विभागों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वे लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत रॉयल्टी और मालिकाना शुल्क की कटौती सुनिश्चित करें और उसे खनन विभाग में जमा कराएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। साथ ही, दंड की वसूली में तेजी लाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस कदम से उम्मीद है कि जिले की राजस्व वसूली में तेजी आएगी और सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी।





