

Purnia News: खेत की रखवाली करने वाला ही जब खेत खाने लगे तो किसान क्या करे? बिहार के पूर्णिया में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां सरकारी खजाने का रक्षक ही भक्षक बन बैठा। रुपौली अंचल कार्यालय में पदस्थापित एक नाजिर ने अंचलाधिकारी (CO) का ही फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी खाते से लाखों रुपये उड़ा लिए।
पूर्णिया जिले के रुपौली अंचल कार्यालय में एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। यहां के एक नाजिर पर आरोप है कि उसने सीओ शिवानी सुरभि के जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सरकारी खाते से करीब 24 लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ के आवेदन पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाजिर को गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे पूछताछ की जा रही है।
Purnia News: जानिए कैसे हुआ पूरे घोटाले का खुलासा
सूत्रों के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब अंचलाधिकारी शिवानी सुरभि नियमित वित्तीय जांच कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें सरकारी खाते से एक बड़ी राशि के ट्रांसफर को लेकर संदेह हुआ। जब उन्होंने गहराई से जांच की, तो पता चला कि यह ट्रांसफर उनके हस्ताक्षर से किया गया था, जबकि उन्होंने ऐसे किसी भी भुगतान को मंजूरी नहीं दी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद उन्होंने अपने हस्ताक्षर का मिलान किया, जिसमें वह फर्जी पाया गया। शक की सुई सीधे कार्यालय के नाजिर पर गई, जो वित्तीय लेन-देन का काम देखता था।
इस पूरी घटना ने सरकारी कार्यालयों में होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी नाजिर ने बेहद शातिराना तरीके से इस गबन को अंजाम दिया। उसने पहले सीओ के हस्ताक्षर की नकल की और फिर बैंक के साथ मिलकर इस बड़ी रकम को अपने खाते में स्थानांतरित करवा लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पुलिस ने आरोपी नाजिर को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ शिवानी सुरभि ने बिना किसी देरी के रुपौली थाने में आरोपी नाजिर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। पुलिस ने सफलतापूर्वक आरोपी नाजिर को गिरफ्तार कर लिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में कोई और कर्मचारी या बैंक का अधिकारी तो शामिल नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और गबन की गई राशि की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और सख्त निगरानी कितनी आवश्यक है, ताकि जनता के पैसे को इस तरह लुटने से बचाया जा सके। प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


