



रोहतास समाचार: बिहार में खाकी वर्दी की आड़ में छिपे भेड़ियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। सड़कों पर नकली राइफल और पुलिस की वर्दी पहनकर आम लोगों को डराकर लूटने वाले चार शातिर अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
रोहतास समाचार: डेहरी में पकड़े गए फर्जी पुलिस वाले, वर्दी पहनकर करते थे ठगी
बिहार के रोहतास जिले में नकली पुलिसकर्मी बनकर घूम रहे चार युवकों को पुलिस ने डेहरी से गिरफ्तार किया है। ये सभी युवक पुलिस की वर्दी पहनकर, नकली राइफल के साथ, सड़कों पर राहगीरों को रोककर पूछताछ कर रहे थे और जांच के नाम पर उनसे अवैध वसूली कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से पुलिस की वर्दी, नकली हथियार और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है। यह घटना कानून के रखवालों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का एक और प्रयास है, जिस पर पुलिस ने तत्परता से लगाम लगाई।
रोहतास समाचार: आखिर कैसे पकड़े गए ये शातिर?
शनिवार को डेहरी मुफस्सिल थाना के एसआई रजनीश कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि पावरग्रिड पहलेजा के पास कुछ लोग पुलिस की वर्दी में राहगीरों को परेशान कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां एक बिना नंबर प्लेट की सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली। गाड़ी के पास दो युवक पुलिस की वर्दी में थे, जबकि दो अन्य सादे लिबास में घूम रहे थे। जब एसआई ने वर्दी पहने युवकों से उनका नाम और पहचान पत्र मांगा, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कड़ाई से पूछताछ करने पर यह खुलासा हुआ कि वे असली पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि फर्जीवाड़ा कर रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर थाने लाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए युवकों में डबल स्टार पुलिस वर्दी पहने शत्रुघ्न कुमार, सिपाही की वर्दी पहने राहुल कुमार और शशि कुमार एवं प्रिंस कुमार शामिल हैं। प्रिंस औरंगाबाद जिले के नरारी खुर्द गांव का रहने वाला है, जबकि अन्य तीनों रोहतास जिले के शंभू बिगहा के निवासी हैं। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनके पास से दो लोहे और लकड़ी से बनी राइफल जैसी दिखने वाली नकली बंदूकें, फाइबर स्टिक, बैटन रोल और होलस्टर जैसी सामग्री जब्त की हैं।
रील बनाने के बहाने करते थे अवैध वसूली
मुफस्सिल थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों से अवैध वसूली की है। दूसरी ओर, गिरफ्तार युवकों के परिजनों का कहना है कि ये सभी एक टोली बनाकर सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का काम करते हैं। उनके कई रील्स वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो चुके हैं। आरोपी अक्सर वर्दी पहनकर ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह स्पष्ट है कि वर्दी के दुरुपयोग का यह मामला काफी गंभीर है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। यह घटना दर्शाती है कि समाज में कुछ लोग किस तरह से फर्जीवाड़े का सहारा लेकर कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


