
Bihar Railway Bridge Theft: कभी-कभी ऐसा लगता है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे आसमान से तारे तोड़ लाने की बात तो दूर, अब ज़मीन से पूरे के पूरे पुल ही गायब करने लगे हैं। बिहार की धरती पर ऐसा ही एक हैरतअंगेज वाकया सामने आया है, जहां रेलवे का एक पूरा पुल ही चोरी हो गया था।
Bihar Railway Bridge Theft: दो महीने बाद तालाब से निकला ‘चोरी का पुल’, तीन आरोपी गिरफ्तार, पढ़िए पूरी खबर
Bihar Railway Bridge Theft: रोहतास में कैसे हुआ यह सनसनीखेज कारनामा?
यह मामला बिहार के रोहतास जिले का है, जहाँ कर्मनाशा रेलवे स्टेशन के पास से एक रेलवे ब्रिज करीब दो महीने पहले गायब हो गया था। इस हैरान कर देने वाली रेलवे पुल चोरी की घटना ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया था। अब दो महीने की गहन छानबीन और लगातार प्रयासों के बाद, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और खुफिया टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस चोरी हुए रेलवे ब्रिज को बरामद कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच में पता चला कि चोरों ने पुल को चुराने के बाद बेहद शातिर तरीके से उसे एक स्थानीय तालाब में छिपा दिया था ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। यह घटना राज्य में चोरी के नए पैंतरों को उजागर करती है, जहाँ छोटी-मोटी चोरी की बजाय बड़े निर्माणों पर भी हाथ साफ किया जा रहा है। इस सफलता से पुलिस और रेलवे प्रशासन ने राहत की साँस ली है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
चोरों की शातिर चाल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ और खुफिया टीम को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कई दिनों तक इलाके की खाक छानी और संदिग्धों पर नज़र रखी। इसी दौरान, उन्हें कर्मनाशा स्टेशन के पास एक तालाब में कुछ असामान्य गतिविधि दिखी, जिसके बाद गोताखोरों की मदद से जब तालाब की तलाशी ली गई तो चोरी किया गया रेलवे ब्रिज वहीं छिपा मिला।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके modus operandi (कार्यप्रणाली) का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस चोरी के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है, जो पुराने या निष्क्रिय रेलवे संपत्तियों को निशाना बनाता है। यह बरामदगी न सिर्फ रेलवे की संपत्ति को वापस लाई है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है। यह खबर आपको आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का कहना है कि वे रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

